मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने जन्मदिवस के अवसर पर प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सागर जिले के वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व (नौरादेही) में उन्होंने संरक्षित प्रजाति के कछुओं को जल में विमुक्त कर जैव-विविधता संतुलन का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चीतों के पुनर्वास के लिए तैयार किए जाने वाले विशेष बाड़े का भूमि-पूजन भी किया।
मुख्यमंत्री ने वन्यजीव सेवा को ‘ईश्वर की सेवा’ बताते हुए कहा कि जलीय जीव और वन्य प्राणी न केवल पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं, बल्कि प्रदेश के पर्यटन और रोजगार सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जोर दिया कि मध्यप्रदेश के वन राष्ट्र की धरोहर हैं, क्योंकि ये देश की कई प्रमुख नदियों के उद्गम स्थल हैं, जो अन्य राज्यों की जल सुरक्षा भी सुनिश्चित करते हैं। मुख्यमंत्री के इस विजन का उद्देश्य वनों को आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ और उत्पादक संसाधन के रूप में सुरक्षित रखना है।