भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी कर दी है, जिससे चुनाव प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। आयोग के अनुसार, राज्य में मतदान दो चरणों में आयोजित किया जाएगा, जिनकी तिथियां 23 अप्रैल और 29 अप्रैल तय की गई हैं।
अधिसूचना के मुताबिक, दोनों चरणों में मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होगा। पहले चरण में राज्य की 152 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण में शेष 142 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इस प्रकार पूरे राज्य में दो चरणों में चुनाव प्रक्रिया संपन्न होगी।
गौरतलब है कि चुनाव आयोग ने 15 मार्च को ही पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया था। अब अधिसूचना जारी होने के साथ ही चुनावी प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के साथ-साथ असम, केरल और तमिलनाडु में एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी एक चरण में चुनाव संपन्न किए जाएंगे।
मतदान के दिन अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पश्चिम बंगाल के वित्त विभाग ने दोनों मतदान तिथियों पर अवकाश घोषित किया है। अधिसूचना के अनुसार, संबंधित विधानसभा क्षेत्रों में सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान, वाणिज्यिक प्रतिष्ठान और औद्योगिक इकाइयां बंद रहेंगी, ताकि मतदाता बिना किसी बाधा के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
इसके अलावा, वित्त विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि कोई भी नियोक्ता अपने कर्मचारियों को मतदान करने से नहीं रोक सकता। यह प्रावधान लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत लागू किया गया है। अन्य क्षेत्रों में कार्यरत मतदाताओं को भी अपने वोट डालने के लिए आवश्यक अनुमति दी जाएगी।
अधिसूचना में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कोई संस्था या संगठन इन निर्देशों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
चुनाव के दौरान शांति और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए दोनों मतदान दिनों को ‘ड्राई डे’ घोषित किया गया है। इस दौरान शराब की बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
प्रशासन का कहना है कि इन सभी उपायों का मुख्य उद्देश्य मतदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना और चुनाव को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।