मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाराणसी में आयोजित ‘मध्यप्रदेश-उत्तरप्रदेश सहयोग सम्मेलन’ को दोनों राज्यों की समृद्धि के लिए एक मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक बैठक नहीं, बल्कि निर्यात सहयोग, पारंपरिक शिल्प और ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने का एक सशक्त मंच है। सम्मेलन में दोनों राज्यों के बीच दो महत्वपूर्ण समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए:
- धार्मिक पर्यटन और प्रबंधन: श्री काशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास प्राधिकरण और श्री महाकाल मंदिर प्रबंधन समिति के बीच अनुभव साझा करने हेतु समझौता हुआ।
- आर्थिक विकास: स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग और अंतर्राज्यीय निर्यात सहयोग को मजबूत करने के लिए दूसरा एमओयू किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सम्मेलन में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। चंदेरी-महेश्वरी और बनारसी सिल्क के कारीगरों ने सीधे संवाद कर बुनाई की तकनीकों और वैश्विक मार्केटिंग की रणनीतियों पर चर्चा की। साथ ही, सौर ऊर्जा और केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के माध्यम से दोनों राज्य विकास की नई छलांग लगाने को तैयार हैं।