भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अपनी सामरिक शक्ति का विस्तार करते हुए तीसरी परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN), INS अरिदमन को कमीशन किया। केरल स्थित नौसैनिक अड्डे पर आयोजित एक समारोह में इसे औपचारिक रूप से नौसेना को सौंपा गया। इस अवसर पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निर्माण और क्षमताएँ: INS अरिदमन को विशाखापट्टनम के शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC) में स्वदेशी तकनीक से तैयार किया गया है। यह पनडुब्बी भारत के अत्यंत गोपनीय SSBN कार्यक्रम का हिस्सा है। इसकी मुख्य विशेषताएँ निम्नलिखित हैं:
- यह परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
- लंबे समय तक समुद्र की गहराई में तैनात रह सकती है, जो इसे दुश्मन की नजरों से बचाए रखता है।
- कमीशन होने से पहले इस पनडुब्बी ने कई महीनों तक कड़े समुद्री परीक्षणों (trials) को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
न्यूक्लियर ट्रायड की पूर्णता: INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की ‘न्यूक्लियर ट्रायड’ क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती मिली है। इसका अर्थ है कि अब भारत जमीन, हवा और समुद्र, तीनों ही माध्यमों से परमाणु हमला करने की अपनी क्षमता को और अधिक विश्वसनीय बना चुका है। भारत 2016 में INS अरिहंत के शामिल होने के साथ ही उन विशिष्ट देशों (अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन) की श्रेणी में आ गया था जिनके पास यह त्रिकोणीय मारक क्षमता है।