मध्यप्रदेश में ‘होम-स्टे’ बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया इंजन; ग्रामीणों ने कमाई ₹6.76 करोड़ की आय

मध्यप्रदेश में ‘होम-स्टे’ बना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का नया इंजन; ग्रामीणों ने कमाई ₹6.76 करोड़ की आय

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की ‘ग्रामीण उद्यमिता’ नीति मध्यप्रदेश के गाँवों की तस्वीर बदल रही है। ग्रामीण पर्यटन योजना के माध्यम से न केवल प्रदेश की संस्कृति का संरक्षण हो रहा है, बल्कि स्थानीय निवासियों को रोजगार के गरिमापूर्ण अवसर भी मिल रहे हैं। ताजा आँकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 34,000 देशी-विदेशी पर्यटकों ने होम-स्टे का आनंद लिया है, जिससे ग्रामीण परिवारों को ₹6.76 करोड़ की शुद्ध आय प्राप्त हुई है।

योजना का विस्तार:

  • वर्तमान स्थिति: प्रदेश के 98 चयनित गाँवों में वर्तमान में 346 होम-स्टे संचालित हैं।
  • भविष्य की तैयारी: 642 नए होम-स्टे निर्माणाधीन हैं, जो जल्द ही पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार हो जाएंगे।
  • प्रशिक्षण और डिजिटल रीच: मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड ग्रामीणों को हॉस्पिटैलिटी, साफ-सफाई और डिजिटल मार्केटिंग का प्रशिक्षण दे रहा है, जिससे ‘मेक माई ट्रिप’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से बुकिंग आसान हो गई है।

यह योजना बुन्देलखण्ड, मालवा, निमाड़ और महाकौशल जैसे क्षेत्रों की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक मंच पर पहचान दिला रही है।

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