भारत के मौसम विभाग ने देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है। इस बदलाव का मुख्य कारण एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (पश्चिमी विक्षोभ) है। लगातार दो सिस्टम सक्रिय होने से उत्तर और मध्य भारत के राज्यों में मौसम बिगड़ गया है।
- बड़ी घटनाएं और नुकसान: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के कारण रावी नदी पर बन रहा सिंयूर पुल ढह गया, जिससे कई गांवों का संपर्क मुख्यालय से कट गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों के भीतर मौसम संबंधी हादसों में 15 लोगों की जान जा चुकी है। मथुरा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम का टेंट भी तेज आंधी में उड़ गया।
- राज्यवार स्थिति:
- उत्तर प्रदेश: लखनऊ, मेरठ और गाजियाबाद में बारिश हुई है। 34 जिलों में ओलावृष्टि का अलर्ट है।
- मध्य प्रदेश: ग्वालियर और भोपाल सहित 34 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। अगले तीन दिनों तक आंधी-बारिश और ओलों का अनुमान है।
- राजस्थान: नागौर और टोंक में भारी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसके कारण नागौर की मंडियां बंद रखी गईं।
- पहाड़ी राज्य: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ में लगातार बर्फबारी हो रही है, जबकि मैदानी इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट है।
- अलर्ट की स्थिति: मौसम विभाग ने गंभीर स्थिति को देखते हुए 10 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट और 15 राज्यों में यलो अलर्ट जारी किया है।
- दिल्ली-NCR और पंजाब: दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पंजाब में तापमान सामान्य से 1.6°C कम दर्ज किया गया है।
- आगामी 48 घंटे (7-8 अप्रैल):
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब और पूर्वी राजस्थान में तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा।
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में मध्यम बारिश और बिजली गिरने की आशंका है।