पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ द्वारा कोलकाता तक संघर्ष पहुंचाने की धमकी के बाद भारत में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए पाकिस्तान को चेताया है कि उसे अपने अतीत से सीख लेनी चाहिए।
राजनाथ सिंह ने कहा कि पाकिस्तान पहले भी अपने गलत फैसलों की कीमत चुका चुका है, जब वह दो हिस्सों में बंट गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी तरह की उकसावे वाली कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगा और जरूरत पड़ने पर कड़ा जवाब देगा।
ख्वाजा आसिफ ने 4 अप्रैल को सियालकोट में कहा था कि अगर भारत “फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन” करता है, तो जवाबी कार्रवाई सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगी और कोलकाता तक पहुंच सकती है। इस बयान के बाद भारतीय नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सरकार की चुप्पी चिंता का विषय है। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उन्हें इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी पाकिस्तान के दावे को खारिज करते हुए कहा कि उनकी सैन्य क्षमता को देखते हुए ऐसे बयान सिर्फ दिखावे के लिए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हकीकत समझनी चाहिए और अनावश्यक बयानबाजी से बचना चाहिए।
इन बयानों के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बन गया है।