हल्दिया की रैली में प्रधानमंत्री मोदी का रुख काफी आक्रामक रहा। उन्होंने टीएमसी शासन को ‘निर्मम’ करार देते हुए जनता के सामने भाजपा का विजन रखा। उनकी गारंटियों में प्रशासनिक जवाबदेही से लेकर आर्थिक सुधारों तक का रोडमैप नजर आया।
प्रशासनिक और आर्थिक सुधार: प्रधानमंत्री ने कहा कि पहली प्राथमिकता भय के माहौल को खत्म कर कानून का राज स्थापित करना है। सरकारी सिस्टम को जनता के प्रति जवाबदेह बनाया जाएगा। कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उन्होंने 7वें वेतन आयोग का वादा किया, जो राज्य के लाखों परिवारों को प्रभावित करेगा।
कठोर संदेश: पीएम ने टीएमसी के ‘गुंडों’ को चेतावनी देते हुए कहा कि कानून सबका हिसाब करेगा। उन्होंने ‘सबका साथ-सबका विकास’ के साथ एक नया नारा जोड़ा— “बंगाल में लुटेरों का हिसाब होगा।” उन्होंने 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए जनता से भारी समर्थन की अपील की।