भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने गुरुवार को अपने महत्वाकांक्षी मानव मिशन ‘गगनयान’ की दिशा में एक और मील का पत्थर पार कर लिया है। इसरो ने सफलतापूर्वक दूसरा इंटीग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-1) संपन्न किया, जो अंतरिक्ष यात्रियों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
परीक्षण की मुख्य बातें:
- सटीक लैंडिंग: वायुसेना के चिनूक हेलिकॉप्टर की मदद से 5.7 टन वजनी डमी क्रू कैप्सूल को 3 किलोमीटर की ऊंचाई से गिराया गया।
- पैराशूट सिस्टम की जांच: इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य पैराशूट के खुलने की प्रक्रिया और कठिन परिस्थितियों में उसके प्रदर्शन को जांचना था। कैप्सूल ने बिना किसी बाधा के समुद्र में सुरक्षित लैंडिंग की।
- निरंतरता: पिछले 8 महीनों में यह दूसरा ऐसा परीक्षण है। इससे पहले 24 अगस्त 2025 को पहला सफल परीक्षण किया गया था।