पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र भारतीय जनता पार्टी ने शुक्रवार को अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसे ‘भरोसा पत्र’ नाम दिया गया है। इस दस्तावेज़ का अनावरण केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान किया।
इस घोषणापत्र में समाज के सभी प्रमुख वर्गों—विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और किसानों—को ध्यान में रखते हुए कई योजनाओं की घोषणा की गई है। पार्टी ने नकद सहायता समेत विभिन्न लाभकारी योजनाओं के माध्यम से सीधे लोगों तक फायदा पहुंचाने की रणनीति अपनाई है।
अमित शाह ने इस मौके पर कहा कि यह संकल्प पत्र राज्य को निराशा से बाहर निकालने का मार्ग दिखाएगा और ‘सोनार बंगला’ के निर्माण की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा। उन्होंने इसे कानून व्यवस्था बहाल करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने वाला दस्तावेज़ बताया।
शाह ने तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता ने बदलाव की उम्मीद में उन्हें सत्ता सौंपी थी, लेकिन सरकार अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान शासन में सिंडिकेट राज, गुंडाराज और घुसपैठ जैसी समस्याएं बढ़ी हैं। उनके अनुसार, अब जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है और बदलाव चाहती है।
घोषणापत्र में किसानों को राहत देने, युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को सशक्त करने का भी संकल्प लिया गया है।
अमित शाह ने कहा कि यह घोषणापत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और राज्य के विकास का स्पष्ट खाका प्रस्तुत करता है।
घुसपैठ के मुद्दे पर उन्होंने ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाने की बात कही और अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें बाहर करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन देने का वादा भी किया गया है।
घोषणापत्र में कुर्माली और राजबोंगशी भाषाओं को आठवीं अनुसूची में शामिल करने, कृषि सहायता बढ़ाने, मछुआरों के पंजीकरण और राज्य को औद्योगिक व मछली निर्यात केंद्र बनाने की योजना भी शामिल है।
महिलाओं और बेरोजगार युवाओं को हर महीने 3,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने, आयुष्मान भारत योजना लागू करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने का भी वादा किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर बंगाल में एम्स, आईआईटी और आईआईएम की स्थापना तथा ‘वंदे मातरम संग्रहालय’ के निर्माण की घोषणा की गई है।