विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मॉरीशस के प्रधानमंत्री नवीनचंद्र रामगुलाम से पोर्ट लुई में मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष में दोनों देशों के बीच सहयोग में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है।
इस बैठक में समुद्री सुरक्षा, विकास परियोजनाएं, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास और जनसंपर्क जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर व्यापक बातचीत हुई। जयशंकर ने मॉरीशस की विकास जरूरतों के अनुसार भारत के समर्थन को जारी रखने का भरोसा दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पिछले वर्ष मार्च में हुई मॉरीशस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने संबंधों को एक उच्च स्तर की रणनीतिक साझेदारी में बदलने पर सहमति व्यक्त की थी।
जयशंकर के अनुसार, भारत और मॉरीशस के बीच गहरे ऐतिहासिक संबंध और आपसी विश्वास इस साझेदारी की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति की प्राथमिकताओं—‘पड़ोसी प्रथम’, ‘महासागर दृष्टिकोण’ और ‘ग्लोबल साउथ’—में मॉरीशस को विशेष महत्व प्राप्त है।
उन्होंने विकास सहयोग के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के योगदान का उल्लेख किया और बताया कि स्वच्छ ऊर्जा तथा पर्यावरणीय समाधान के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सक्रिय साझेदारी है।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और मॉरीशस के बीच उन्नत रणनीतिक संबंधों को और आगे बढ़ाने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग जारी रहेगा।
जयशंकर फिलहाल मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात के दौरे पर हैं। वह नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने के लिए मॉरीशस पहुंचे हैं और इसके बाद 11 से 12 तारीख तक यूएई की यात्रा करेंगे।