प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन से हिंदी सिनेमा और संगीत जगत गहरे सदमे में है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। 11 अप्रैल को उन्हें चेस्ट इन्फेक्शन के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन बाद में मल्टी ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन हो गया। उनके जाने की खबर से पूरे फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है। ऐसा महसूस हो रहा है मानो संगीत का एक पूरा युग समाप्त हो गया हो।
आशा भोसले की आवाज केवल संगीत तक सीमित नहीं थी, बल्कि वह भावनाओं की गहराई को अभिव्यक्त करती थी। उनके गीतों में प्रेम, विरह, खुशी और दर्द की अनोखी झलक मिलती थी। उनकी गायकी ने श्रोताओं को केवल सुनने ही नहीं, बल्कि महसूस करने की कला सिखाई।
गायक जुबिन नौटियाल ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी आवाज ने खामोशी को भी अर्थ दिया था। सुधांशु पांडे ने उनके साथ बिताए निजी पलों को याद किया, जबकि जैमी लीवर ने उनकी अद्वितीय शैली की सराहना की। रिद्धिमा कपूर, आदित्य राज कौल, रवीना टंडन, अक्षरा सिंह और जसलीन मथारू सहित कई कलाकारों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। अक्षय कुमार और तुषार कपूर ने इसे अपूरणीय क्षति बताया।