पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच आयोजित की गई उच्च स्तरीय वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हो गई है। 21 घंटे तक चले इस कूटनीतिक संवाद के बाद दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान से रवाना हो गए हैं। ईरानी दल, जिसमें संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर ग़ालिबफ़ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची सहित 71 सदस्य शामिल थे, अब वापस लौट चुका है। वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस लंबी चर्चा के बाद इस्लामाबाद से अपने देश के लिए निकल गए हैं।
घाना स्थित ईरानी दूतावास ने इस वार्ता पर कड़ा रुख अपनाते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिका वह सब कुछ हासिल करना चाहता था जो वह युद्ध के जरिए नहीं जीत सका, लेकिन ईरान ने उनकी सभी माँगों को सिरे से खारिज कर दिया। दूतावास ने तंज कसते हुए कहा, “वे स्टॉपवॉच लेकर कमरे में आए थे (जल्दबाजी में थे), जबकि हम कैलेंडर लेकर बैठे थे (लंबी रणनीति के साथ)।” ईरान ने स्पष्ट किया है कि उनके पास खोने के लिए कुछ नहीं है और अमेरिकी उपराष्ट्रपति खाली हाथ लौटे हैं।