पवित्र नगरी अमरकंटक में ‘पंच परिवर्तन’ विषय पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समाज में वैचारिक और सांस्कृतिक बदलाव का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व. भगवत शरण माथुर ने विंध्य क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान खोजकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘पंच निष्ठा’ (पारिवारिक संस्कार, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी और नागरिक कर्तव्य) को अपनाने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिकता के इस दौर में नई पीढ़ी को संस्कारित करना अनिवार्य है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को महापुरुषों की कहानियाँ सुनाने और साथ बैठकर भोजन करने जैसी परंपराओं को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया। डॉ. यादव ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती की पूर्व संध्या पर सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए कहा कि राज्य सरकार जातिवाद और विषमता को खत्म कर समानता के भाव को आगे बढ़ा रही है। कार्यक्रम में कन्या पूजन और संतों का सम्मान भी किया गया।