मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के आधुनिक और संगठित तरीकों को ध्वस्त कर दिया है। सबसे चौंकाने वाला मामला विदिशा से सामने आया है, जहाँ एक अंतरराज्यीय गिरोह चार स्तरों (किंगपिन, लोकल वितरक, डिलीवरी एजेंट और लॉजिस्टिक टीम) पर काम कर रहा था। यह गिरोह राजस्थान से ब्राउन शुगर लाकर फोन-पे के माध्यम से लेनदेन करता था और ‘कॉन्टैक्टलेस डिलीवरी’ के लिए ‘डेड ड्रॉप’ पद्धति का उपयोग करता था।
जिलों की विस्तृत रिपोर्ट:
- उज्जैन: पंवासा पुलिस ने एक महिला सहित 4 लोगों को 55 ग्राम एमडीएमए (MDMA) के साथ गिरफ्तार किया।
- मंदसौर: शामगढ़ पुलिस ने एक कार से 86 किलो डोडाचूरा बरामद किया, जिसकी कीमत वाहनों सहित 7 लाख रुपये आंकी गई है।
- खरगोन एवं राजगढ़: खरगोन में 5 किलो से अधिक गांजे के साथ एक महिला तस्कर पकड़ी गई, वहीं राजगढ़ के जीरापुर में 88 हजार रुपये की स्मैक जप्त की गई।
- सीधी एवं टीकमगढ़: सीधी में इलेक्ट्रॉनिक तराजू के साथ स्मैक तस्कर पकड़े गए, जबकि टीकमगढ़ में पुलिस ने गांजे के हरे पौधों की खेती और तस्करी पर कार्रवाई की।
पुलिस की इन कार्रवाइयों ने न केवल तस्करों के नेटवर्क को तोड़ा है, बल्कि करोड़ों की संपत्ति भी कुर्क की है।