मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में संचालित ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं। अभियान की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार करते हुए अब देश में तीसरा स्थान प्राप्त कर लिया है, जबकि अभियान की शुरुआत से पहले प्रदेश छठे स्थान पर था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पानी बचाना हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है ताकि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति का यह वरदान मिलता रहे। उन्होंने सूख चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया है। इस अभियान के तहत 16 विभागों की 58 गतिविधियों के लिए 6,278 करोड़ रुपये का वित्तीय लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक 2.44 लाख से अधिक कार्यों को चिन्हित कर 6,236 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। अभियान की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत डैश बोर्ड बनाया गया है, जिससे कार्यों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और जिलेवार रैंकिंग की जा रही है।