भारत और जर्मनी के बीच सामरिक साझेदारी को एक नई ऊंचाई देते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस ने बर्लिन में एक ऐतिहासिक बैठक की। तीन दिवसीय यात्रा के दौरान हुई इस मुलाकात का सबसे अहम पड़ाव ‘डिफेंस इंडस्ट्रियल रोडमैप’ पर सहमति रहा। यह समझौता दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच दीर्घकालिक सहयोग, तकनीकी हस्तांतरण और सह-उत्पादन का मार्ग प्रशस्त करेगा।
बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का कड़ा और स्पष्ट रुख दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के किसी भी स्वरूप को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए और बिना किसी अपवाद के इसकी निंदा होनी चाहिए। वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों पर चर्चा करते हुए दोनों नेताओं ने माना कि आज के दौर में भरोसेमंद साझेदारी ही स्थिरता का आधार है। इसी कड़ी में, संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में आपसी समन्वय बढ़ाने के लिए एक ‘इम्प्लीमेंटिंग अरेंजमेंट’ पर भी हस्ताक्षर किए गए, जो प्रशिक्षण और अनुभव साझा करने पर केंद्रित होगा।