केंद्रीय नागरिक उड्डयन एवं इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अपने संसदीय क्षेत्र गुना के प्रवास के दौरान शिवपुरी जिले के लिए एक बड़ी औद्योगिक परियोजना की घोषणा की है। शनिवार को कोलारस में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि आगामी दो महीनों के भीतर क्षेत्र में 2,500 करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक रक्षा संयंत्र (डिफेंस प्लांट) स्थापित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक निवेश से न केवल क्षेत्र की औद्योगिक पहचान बदलेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार भी खुलेंगे।
यह प्रस्तावित रक्षा संयंत्र कोलारस से लगभग 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित होगा। इसकी स्थापना कोटा हाईवे और बॉम्बे-ग्वालियर हाईवे के संगम स्थल पर की जाएगी, जो परिवहन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। पिछले दो दशकों से शिवपुरी जिला एक बड़े औद्योगिक निवेश की प्रतीक्षा कर रहा था, जो अब इस परियोजना के माध्यम से पूर्ण होने जा रही है। सिंधिया के अनुसार, इस संयंत्र के चालू होने से लगभग 2,000 लोगों को सीधे तौर पर रोजगार मिलने की उम्मीद है।
केंद्रीय मंत्री ने इस अवसर पर क्षेत्र की बदलती छवि का उल्लेख करते हुए कहा कि कोलारस अब तक अपनी कृषि उपज, विशेषकर टमाटर उत्पादन के लिए विख्यात था, लेकिन अब यह भारत की सामरिक शक्ति को मजबूती प्रदान करने वाला केंद्र बनेगा। उन्होंने रेखांकित किया कि यहाँ निर्मित होने वाले रक्षा उपकरण भारतीय सीमाओं की सुरक्षा में तैनात सैनिकों के काम आएंगे, जिससे देश की रक्षा क्षमता के साथ-साथ क्षेत्र का मान भी बढ़ेगा।
रक्षा संयंत्र की घोषणा के अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कोलारस के विकास के लिए 19.68 करोड़ रुपये की विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया। उन्होंने प्रधानमंत्री जन-मन योजना के तहत छात्र-छात्राओं के लिए छात्रावासों की आधारशिला रखी और नवनिर्मित जनपद पंचायत भवन का उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र के सामाजिक और शैक्षणिक स्तर में सुधार लाना है।
शहरी सुविधाओं को विस्तार देते हुए, सिंधिया ने एक नए बस स्टैंड और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का भी जनता को समर्पण किया। इससे स्थानीय व्यापारिक गतिविधियों और यात्रियों के आवागमन में सुगमता आएगी। साथ ही, उन्होंने एक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की भी नींव रखी, जो कोलारस में स्वच्छता और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।