भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस 2027 के अवसर पर प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों के लिए ऑनलाइन नामांकन और सिफारिशों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 15 मार्च, 2026 से प्रभावी हुई यह आवेदन प्रक्रिया 31 जुलाई, 2026 तक संचालित रहेगी। गृह मंत्रालय के अनुसार, इच्छुक नागरिक और संस्थान अपने नामांकन केवल ‘राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में शुमार पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री पुरस्कारों की स्थापना वर्ष 1954 में की गई थी। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर इन सम्मानों की घोषणा की जाती है, जिनका मुख्य उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में किए गए ‘उत्कृष्ट और विशिष्ट कार्यों’ को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देना है। ये पुरस्कार कला, समाज सेवा, विज्ञान, चिकित्सा, खेल और साहित्य जैसे अनेक अनुशासनों में असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रदान किए जाते हैं।
पात्रता के मानदंडों के अनुसार, किसी भी जाति, लिंग, व्यवसाय या पद के व्यक्ति इन पुरस्कारों के लिए पात्र हैं। हालांकि, सरकारी सेवा में कार्यरत व्यक्तियों के लिए नियम कड़े हैं; डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के अतिरिक्त अन्य सभी सरकारी कर्मचारी (सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मियों सहित) इन पुरस्कारों के लिए योग्य नहीं माने जाते हैं। सरकार का लक्ष्य इन पुरस्कारों को ‘पीपल्स पद्म’ के रूप में स्थापित करना है, ताकि जमीनी स्तर पर निस्वार्थ सेवा कर रहे गुमनाम नायकों को सम्मानित किया जा सके।
नामांकन प्रक्रिया को लेकर जारी दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि प्रत्येक सिफारिश के साथ अधिकतम 800 शब्दों का एक विस्तृत विवरण (Citation) संलग्न करना अनिवार्य है। इसमें नामांकित व्यक्ति की विशिष्ट सेवाओं और असाधारण उपलब्धियों का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। नागरिकों को प्रोत्साहित किया गया है कि वे विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगों, अनुसूचित जाति व जनजाति और समाज के वंचित वर्गों से आने वाली प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें नामित करें। इस संबंध में विस्तृत नियम और जानकारी गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट तथा पद्म पोर्टल पर उपलब्ध है।