मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल के वीआईपी रोड स्थित एक निजी रेस्टोरेंट में जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम का 133वां संस्करण सुना। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम देश के करोड़ों नागरिकों को जोड़ने वाला एक प्रभावी संवाद मंच है, जिसके माध्यम से प्रधानमंत्री समाज के प्रेरक नवाचारों को जनता के बीच लाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम के जरिए देश में सकारात्मक सोच और जनभागीदारी की एक नई संस्कृति विकसित की है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2027 की आगामी डिजिटल जनगणना को दुनिया की सबसे बड़ी गणना प्रक्रिया बताया। उन्होंने जानकारी दी कि इस बार जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी और कर्मचारी मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए ‘स्व-गणना’ (Self-Enumeration) का विकल्प भी दिया गया है, जिसमें लोग कर्मचारी के आने से 15 दिन पहले अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर एक विशेष आईडी प्राप्त कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि अब तक 1.20 करोड़ परिवारों का मकान सूचीकरण पूर्ण हो चुका है और नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह सुरक्षित एवं गोपनीय रहेंगी।
कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की उपलब्धियों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के तहत पुरानी जल संरचनाओं के पुनरुद्धार और नए जल स्रोतों के निर्माण पर तेजी से कार्य कर रही है, जो 30 जून तक जारी रहेगा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं और बच्चों से भी आत्मीय संवाद किया। उन्होंने बच्चों को संस्कारवान बनने की सीख दी और महिलाओं के स्वावलंबन के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी साझा की।