सोमवार को सेंट पीटर्सबर्ग में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। इस मुलाकात के दौरान क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि रूस मध्य पूर्व में स्थिरता लाने के लिए ईरान के साथ खड़ा है और क्षेत्र में शांति स्थापित करने हेतु हर संभव प्रयास करने को तैयार है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों नेताओं ने वर्तमान क्षेत्रीय चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा की।
रूसी समाचार एजेंसी ‘टीएएसएस’ के मुताबिक, राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उनका देश ईरान और क्षेत्र के अन्य देशों के हितों को ध्यान में रखते हुए शांति बहाली के लिए निरंतर कार्य करेगा। उन्होंने ईरानी जनता के साहस की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि वे वर्तमान कठिन परिस्थितियों से सफलतापूर्वक उबर जाएंगे। पुतिन ने जोर देकर कहा कि मॉस्को और तेहरान के बीच संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना रूस की प्राथमिकता है।
बैठक में विदेश मंत्री अराघची ने ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का संदेश पुतिन तक पहुंचाया। उन्होंने अमेरिकी दबाव का सामना करने में ईरानी जनता के संकल्प का जिक्र किया और संकट के समय में रूस के समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। अराघची ने कहा कि दोनों देशों के बीच की ‘रणनीतिक साझेदारी’ सर्वोच्च स्तर पर है और यह भविष्य में भी अडिग रहेगी।
इससे पहले, अराघची का सेंट पीटर्सबर्ग पहुंचने पर रूसी अधिकारियों और राजदूत काजम जलाली ने स्वागत किया। जलाली ने ‘आईआरएनए’ को बताया कि यह दौरा दोनों राष्ट्रों के बीच निरंतर संवाद का हिस्सा है, क्योंकि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर दोनों का दृष्टिकोण समान है। विशेष रूप से 28 फरवरी के बाद से दोनों राष्ट्रपतियों के बीच तीन बार टेलीफोन पर बातचीत हो चुकी है, जो आपसी समन्वय की गंभीरता को दर्शाता है। यह दौरा ओमान की यात्रा के बाद और अमेरिका-ईरान के बीच हुई हालिया वार्ता की पृष्ठभूमि में काफी अहम माना जा रहा है।