मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन की रफ्तार तेज: अब तक 4.88 लाख किसानों से हुई खरीदी, स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ी

मध्य प्रदेश में गेहूं उपार्जन की रफ्तार तेज: अब तक 4.88 लाख किसानों से हुई खरीदी, स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 मई तक बढ़ी

मध्य प्रदेश में रबी विपणन सत्र के तहत गेहूं उपार्जन का कार्य सुचारू रूप से जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने जानकारी दी है कि राज्य में अब तक 4 लाख 88 हजार 270 किसानों से कुल 19 लाख 90 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की जा चुकी है। इस प्रक्रिया के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने वाले किसानों को 2548 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का भुगतान भी किया जा चुका है। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष खरीदी के आंकड़े को 100 लाख मीट्रिक टन तक ले जाना है, जो पिछले वर्ष के 77 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले काफी अधिक है।

किसानों की सुविधा और केंद्रों पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से सरकार ने महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। प्रत्येक उपार्जन केंद्र पर प्रतिदिन गेहूं विक्रय की स्लॉट बुकिंग क्षमता को 1000 क्विंटल से बढ़ाकर अब 2250 क्विंटल कर दिया गया है। इसके साथ ही, तौल प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कांटों की संख्या भी 4 से बढ़ाकर 6 प्रति केंद्र कर दी गई है। किसानों को राहत देते हुए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि को भी 30 अप्रैल 2026 से बढ़ाकर 9 मई 2026 कर दिया गया है। विशेष बात यह है कि अब किसान प्रत्येक शनिवार को भी अपनी उपज की बिक्री के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे।

राज्य सरकार ने मध्यम और बड़े किसानों के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की हैं। आंकड़ों के अनुसार, अब तक लगभग 9.60 लाख किसानों ने 57.75 लाख मीट्रिक टन गेहूं के विक्रय हेतु स्लॉट बुक किए हैं, जिनमें 1.60 लाख किसान मध्यम एवं बड़े वर्ग के हैं। किसानों को अब जिले के भीतर किसी भी उपार्जन केंद्र पर अपनी उपज बेचने की स्वतंत्रता दी गई है, जिससे उन्हें अपनी तहसील में लंबी प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी।

उपार्जन केंद्रों पर किसानों की सहूलियत के लिए छायादार स्थान, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के इंतजाम किए गए हैं। साथ ही, तकनीकी और लॉजिस्टिक स्तर पर बारदाने, सिलाई मशीन, कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी और साफ-सफाई के उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वित्तीय विवरण देते हुए मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा प्रदत्त 40 रुपये बोनस को मिलाकर कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी की जा रही है।

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