केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को लद्दाख के कारगिल में डेयरी और सहकारिता क्षेत्र से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि ये नई पहलें न केवल लद्दाख में रोजगार के अवसरों को सृजित करेंगी, बल्कि पूरे क्षेत्र को आत्मनिर्भरता की एक नई दिशा में भी ले जाएंगी।
विकास कार्यों की श्रृंखला में कारगिल में 25 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले एक अत्याधुनिक डेयरी प्लांट की आधारशिला रखी गई। प्रतिदिन 10,000 लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता वाला यह प्लांट क्षेत्र की आर्थिक स्थिति को बदलने में सहायक होगा। गृह मंत्री ने विशेष रूप से जोर दिया कि इस परियोजना से महिलाओं को आर्थिक आजादी मिलेगी और वे सशक्त होकर आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
तकनीकी सुधार की दिशा में ‘EMCS ऐप’ को भी लॉन्च किया गया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दुग्ध उत्पादक अपने लेनदेन और भुगतान का सटीक विवरण देख सकेंगे, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। इसके अतिरिक्त, लद्दाख मिल्क फेडरेशन और मदर डेयरी के बीच एक रणनीतिक समझौता (MoU) हुआ है। इस गठबंधन से लद्दाख के स्थानीय दुग्ध उत्पादों को राष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच मिलेगी और पशुपालकों को उनके उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सकेगा।
देश के कुल दुग्ध उत्पादन का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत ने इस क्षेत्र में 70% की प्रभावशाली वृद्धि की है। साल 2014-15 के 146 मिलियन टन के मुकाबले अब उत्पादन 248 मिलियन टन तक पहुंच गया है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में 75,000 नई समितियां बनाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 21,000 का गठन किया जा चुका है। इसके साथ ही पश्मीना, शहद और जैविक उत्पादों के लिए भी सहकारी मॉडल लागू किया जाएगा।
लद्दाख के विकास बजट और बुनियादी ढांचे पर चर्चा करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद बजट 1,000 करोड़ से बढ़कर 6,000 करोड़ रुपये हो गया है। जोजिला सुरंग और कारगिल-जांस्कर मार्ग जैसे कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स पर काम तेज है। शिक्षा के क्षेत्र में सिंधु केंद्रीय विश्वविद्यालय और ‘हर घर जल’ योजना के तहत 98% घरों तक पानी पहुंचना बड़ी उपलब्धियां हैं। अंत में, उन्होंने लद्दाख के नागरिकों की वीरता और देशभक्ति की सराहना करते हुए उन्हें नमन किया।