भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित ‘कॉम्प्रिहेन्सिव कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग प्रोग्राम’ का आज रवींद्र भवन में औपचारिक समापन हुआ। 07 अप्रैल से 04 मई 2026 तक चले इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में प्रदेश की विभिन्न विशेष इकाइयों के चयनित पुलिसकर्मियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राज्य की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को अत्याधुनिक तकनीकों से सुसज्जित करना और भविष्य की संभावित सुरक्षा चुनौतियों के लिए एक सक्षम बल तैयार करना है।
समापन सत्र को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने ड्रोन हमलों और साइबर खतरों जैसी नई सुरक्षा चुनौतियों का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्रीय गृह मंत्री की पहल पर एनएसजी और मध्यप्रदेश पुलिस के बीच हुए एमओयू के तहत यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जो बल की क्षमता बढ़ाने के लिए मील का पत्थर साबित होगा। डीजीपी ने आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारी पर जोर देते हुए कहा कि प्रशिक्षित बल भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान एटीएस, सीटीजी, बीडीएस और वीआईपी सुरक्षा जैसी इकाइयों के कुल 432 अधिकारियों व कर्मचारियों ने कड़ा अभ्यास किया। इस एक माह के कार्यक्रम में एंटी-ड्रोन तकनीक, स्नाइपर ऑपरेशंस, बम डिस्पोजल, काउंटर टेररिज्म और सामरिक ड्राइविंग जैसे 8 प्रमुख विषयों पर व्यावहारिक ज्ञान साझा किया गया। डीजीपी ने नक्सल उन्मूलन में मिली सफलता की सराहना करते हुए बताया कि भोपाल में एक आधुनिक सिटीजी ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना के प्रयास भी तेज कर दिए गए हैं।
कार्यक्रम में प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि एनएसजी के विशेषज्ञों से प्राप्त मार्गदर्शन ने न केवल उनकी व्यक्तिगत दक्षता को निखारा है, बल्कि टीम समन्वय और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी सुदृढ़ किया है। इस अवसर पर विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और एनएसजी की ओर से ब्रिगेडियर शंकर तिवारी एवं कर्नल अभिषेक सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।