डायल-112 की सक्रियता से बेसहारा बीमार महिला को मिला जीवनदान, पुलिसकर्मियों ने दिखाई मानवीय संवेदना

डायल-112 की सक्रियता से बेसहारा बीमार महिला को मिला जीवनदान, पुलिसकर्मियों ने दिखाई मानवीय संवेदना

रतलाम। मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा ने एक बार फिर अपनी कर्तव्यनिष्ठा और मानवीय दृष्टिकोण का परिचय देते हुए रतलाम जिले में एक मानसिक रूप से अस्वस्थ और बीमार महिला की जान बचाई। इंडस्ट्रियल एरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम बड़बड़ में समय रहते की गई इस त्वरित कार्यवाही से न केवल महिला को सुरक्षित संरक्षण मिला, बल्कि उसे उचित चिकित्सा सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

घटनाक्रम के अनुसार, 03 मई को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को सूचना मिली थी कि ग्राम बड़बड़ में एक लगभग 40 वर्षीय महिला संदिग्ध और भटकी हुई अवस्था में मिली है। महिला की स्थिति को देखते हुए यह स्पष्ट था कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे तत्काल पुलिस सहायता के साथ-साथ उपचार की आवश्यकता है। सूचना मिलते ही क्षेत्र में तैनात डायल-112 के एफआरवी (FRV) वाहन को अविलंब मौके पर रवाना किया गया।

मौके पर पहुँचे प्रधान आरक्षक शेर सिंह और पायलट विशाल राव ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए महिला को अपनी सुरक्षा में लिया। प्रारंभिक तौर पर जवानों ने आसपास के ग्रामीणों और राहगीरों से महिला की पहचान और उसके परिजनों के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसकी शिनाख्त से संबंधित कोई ठोस जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। महिला की बिगड़ती सेहत को देखते हुए जवानों ने समय गँवाए बिना उसे अपने वाहन से तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज पहुँचाया।

मध्यप्रदेश पुलिस की ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत इस सराहनीय कार्य की चर्चा हो रही है। यह घटना साबित करती है कि डायल-112 सेवा न केवल सड़क दुर्घटनाओं या अपराधों जैसी आपातकालीन स्थितियों में सक्रिय रहती है, बल्कि समाज के सबसे कमजोर और असहाय वर्गों की सहायता के लिए भी हर समय तत्पर है। पुलिसकर्मियों की इस संवेदनशीलता के कारण एक असहाय महिला को समय पर इलाज मिल सका।


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