रतलाम जिले के रिंगनोद थाना क्षेत्र में गुरुवार, 7 मई की सुबह एक भीषण सड़क हादसे में घायल हुए तीन लोगों के लिए डायल-112 के जवान देवदूत बनकर सामने आए। पुलिस टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए मौके पर पहुँचकर घायलों को संभाला और बिना समय गँवाए उन्हें शासकीय अस्पताल पहुँचाया, जिससे उनकी जान बच सकी। यह घटना पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का एक बड़ा उदाहरण बनकर उभरी है।
घटनाक्रम के अनुसार, गुरुवार सुबह भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि रिंगनोद क्षेत्र के बिनोलीफंटा रोड पर दो मोटरसाइकिलों के बीच आमने-सामने की जबरदस्त भिड़ंत हो गई है। इस दुर्घटना में तीन लोग लहूलुहान होकर सड़क पर पड़े थे और उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत थी। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने क्षेत्र में गश्त कर रही डायल-112 एफआरवी (FRV) को तुरंत घटनास्थल के लिए निर्देशित किया।
मौके पर तैनात स्टाफ आरक्षक चंद्रपाल सिंह और पायलट मंगलेश्वर सूर्यवंशी ने सूचना के चंद मिनटों के भीतर घटनास्थल पर पहुँचकर स्थिति का जायजा लिया। तीनों घायलों की गंभीर स्थिति को देखते हुए जवानों ने एम्बुलेंस का इंतजार करने के बजाय अपनी ही गाड़ी (एफआरवी) की मदद से उन्हें तत्काल जावरा स्थित शासकीय अस्पताल पहुँचाने का निर्णय लिया। समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण घायलों का उपचार तुरंत शुरू हो सका।
मध्यप्रदेश पुलिस की ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत इस कार्यवाही की सराहना की जा रही है। यह मामला दर्शाता है कि आपातकालीन सेवाएँ न केवल कानून व्यवस्था, बल्कि मानवीय जीवन की रक्षा के लिए भी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। जवानों की इस सक्रियता ने एक बार फिर जनता के बीच पुलिस की छवि को मजबूती प्रदान की है।