तमिलनाडु में सत्ता परिवर्तन की औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। शुक्रवार को राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात के दौरान टीवीके अध्यक्ष विजय ने स्पष्ट बहुमत का प्रमाण प्रस्तुत किया, जिसके बाद राजभवन ने उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त करने की स्वीकृति दे दी। तय कार्यक्रम के अनुसार, विजय कल सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। कयास लगाए जा रहे हैं कि इस राजनीतिक घटनाक्रम के साक्षी बनने के लिए राहुल गांधी भी चेन्नई पहुंच सकते हैं।
हालिया चुनाव परिणामों में किसी भी एक दल को पूर्ण बहुमत नहीं मिला था, हालांकि 108 सीटें जीतकर टीवीके सबसे बड़ी शक्ति बनकर उभरी। सरकार बनाने के लिए आवश्यक 118 के आंकड़े को छूने हेतु विजय ने गठबंधन की रणनीति अपनाई। इस गठबंधन में कांग्रेस के 5, सीपीआई के 2, सीपीएम के 2 और वीसीके के 2 विधायकों ने अपनी सहमति प्रदान की है, जिससे सरकार के स्थायित्व का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
वामपंथी दलों ने समर्थन देते हुए अपने विजन को भी साझा किया है। जहां सीपीएम ने औपचारिक रूप से टीवीके का साथ देने का निर्णय लिया, वहीं सीपीआई ने साफ किया कि उनका समर्थन तमिलनाडु की जनता को एक धर्मनिरपेक्ष और जवाबदेह प्रशासन देने के उद्देश्य से है। इन सभी दलों के जुड़ने से टीवीके ने विपक्षी खेमे को पीछे छोड़ते हुए सत्ता की चाबी हासिल कर ली है।
व्यक्तिगत प्रदर्शन की बात करें तो विजय ने अपनी लोकप्रियता साबित करते हुए दो सीटों पर विजय प्राप्त की है। संवैधानिक नियमों के तहत उन्हें एक सीट छोड़नी होगी, और माना जा रहा है कि वह चेन्नई की पेरम्बूर सीट अपने पास रखेंगे और त्रिची से इस्तीफा देंगे। इस प्रक्रिया के बाद विधानसभा में उनकी पार्टी के कुल सदस्यों की संख्या तकनीकी रूप से 117 हो जाएगी।
राजभवन द्वारा न्योता मिलने की प्रक्रिया काफी उतार-चढ़ाव भरी रही। विजय ने इससे पहले भी दो बार (6 और 7 मई को) दावा पेश करने का प्रयास किया था, लेकिन संख्या बल के ठोस प्रमाण के अभाव में राज्यपाल ने तब इसे स्वीकार नहीं किया था। आज सफलता की खबर मिलते ही चेन्नई की सड़कों पर टीवीके समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा और पार्टी कार्यालय के बाहर जमकर जश्न मनाया गया।