मध्य प्रदेश के राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विश्व रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष ‘सेवा सम्मान समारोह’ में शिरकत की। भोपाल स्थित मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (मेपकास्ट) में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में राज्यपाल ने रेडक्रॉस के समर्पित कार्यकर्ताओं और सामाजिक संस्थाओं को उनकी निस्वार्थ सेवाओं के लिए बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेवा का क्षेत्र अत्यंत व्यापक है और पीड़ित मानवता के प्रति संवेदनशीलता ही एक समावेशी समाज का आधार है।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में रेडक्रॉस के वैश्विक आंदोलन की उत्पत्ति का स्मरण कराते हुए कहा कि युद्ध के मैदान की पीड़ा से उपजा यह संकल्प आज मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रेडक्रॉस की सीख हमारे व्यवहार में वर्ष के 365 दिन झलकनी चाहिए। उन्होंने समाज में पारस्परिक सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को और अधिक सशक्त बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि संसाधन और समय के माध्यम से वंचितों की प्रभावी मदद की जा सके।
ग्रामीण विकास और जनहित पर ध्यान केंद्रित करते हुए राज्यपाल ने रेडक्रॉस की जिला इकाइयों को सक्रिय होने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि रेडक्रॉस के कार्यकर्ताओं को सुदूर क्षेत्रों में जाकर लोगों की कठिनाइयों का प्रत्यक्ष अनुभव करना चाहिए। संगठन की मजबूती के लिए उन्होंने ‘प्रत्येक एक, जोड़े पांच’ का मंत्र दिया, ताकि अधिक से अधिक लोग इस सेवा कार्य से जुड़ सकें। युवाओं को संबोधित करते हुए उन्होंने रेडक्रॉस को सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का एक सशक्त मंच बताया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री जन औषधि योजना को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम करार दिया। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी से इस योजना का लाभ गांव-गांव तक पहुँचाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवाओं को इस योजना से जोड़कर उन्हें दवाओं की गुणवत्ता और कम कीमतों के बारे में शिक्षित करना चाहिए, जिससे आम जन को आर्थिक राहत मिल सके।
समारोह में रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन डॉ. श्याम सिंह कुमरे ने स्वागत भाषण दिया और संस्था की गतिविधियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल द्वारा विभिन्न स्वयंसेवकों को उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में प्रशासनिक अधिकारी, मेपकास्ट के प्रतिनिधि और रेडक्रॉस के स्वयंसेवकों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे। अंत में जनरल सेक्रेटरी श्री रामेन्द्र सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।