अभिनेता से राजनेता बने ‘तमिलगा वेत्री कड़गम’ (TVK) के प्रमुख सी. जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में पदभार संभाल लिया। सुबह 10:15 बजे आयोजित गरिमामय समारोह में उन्होंने तमिल भाषा में पद और गोपनीयता की शपथ ली। इस ऐतिहासिक अवसर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब विजय निर्धारित प्रारूप से इतर कुछ अतिरिक्त बातें बोलने लगे। इस पर राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने उन्हें बीच में ही टोकते हुए शिष्टाचार का पालन करने का निर्देश दिया। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि उन्हें केवल लिखित पाठ ही पढ़ना चाहिए, जिसके बाद विजय ने प्रक्रिया पूरी की।
मुख्यमंत्री के साथ उनकी पार्टी TVK के नौ अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। नए मंत्रिमंडल में एन. आनंद, आधव अर्जुन, डॉ. केजी अरुणराज, केए सेंगोट्टैयन, पी. वेंकटरमणन, आर. निर्मलकुमार, राजमोहन, डॉ. टीके प्रभु और सेल्वी एस. कीर्तना को शामिल किया गया है। गौर करने वाली बात यह है कि विजय ने फिलहाल अपनी कैबिनेट में केवल अपनी ही पार्टी के विधायकों को जगह दी है और किसी भी सहयोगी दल के सदस्य को इसमें शामिल नहीं किया गया है।
कार्यभार संभालते ही मुख्यमंत्री विजय ने जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई। उनके द्वारा हस्ताक्षरित पहले दस्तावेजों में राज्य के नागरिकों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने की घोषणा शामिल है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा के लिए समर्पित दल और नशीली दवाओं के विरुद्ध एक विशेष ‘एंटी ड्रग्स स्क्वॉड’ के गठन का भी आदेश जारी किया।
इससे पूर्व, शनिवार को विजय ने राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उन्होंने कांग्रेस, सीपीआई, सीपीएम, वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपे, जिसके बाद उन्हें नियुक्ति का निमंत्रण मिला। मात्र दो साल पहले गठित हुई TVK ने अपने पहले ही चुनाव में 234 में से 108 सीटें जीतकर राजनीतिक विशेषज्ञों को चौंका दिया है।
यह जीत तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत है। साल 1967 के बाद यह पहला मौका है जब द्रमुक (DMK) या अन्नाद्रमुक (AIADMK) जैसे पारंपरिक द्रविड़ दलों से इतर किसी तीसरी विचारधारा के नेता ने राज्य की कमान संभाली है।