मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस का बड़ा अभियान: बिना हेलमेट चलने वाले वाहन चालकों से वसूला ₹2.87 करोड़ से अधिक का जुर्माना

मध्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा के लिए पुलिस का बड़ा अभियान: बिना हेलमेट चलने वाले वाहन चालकों से वसूला ₹2.87 करोड़ से अधिक का जुर्माना

मध्य प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन में 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक एक विशेष राज्यव्यापी अभियान चलाया गया। भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के पुलिस परिवहन शोध संस्थान के नेतृत्व में संचालित इस अभियान का मुख्य उद्देश्य दुपहिया वाहन चालकों, विशेषकर युवा और महिला चालकों के बीच हेलमेट के नियमित उपयोग को लेकर चेतना जागृत करना और आम नागरिकों को सुरक्षित सफर के लिए प्रेरित करना था।

इस वृहद अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में स्थित स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, औद्योगिक इकाइयों और व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर विभिन्न प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में पुलिस अधिकारियों और यातायात विभाग के अमले ने लोगों को हेलमेट लगाने की कानूनी अनिवार्यता समझाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा के व्यावहारिक महत्व और नियमों के पालन से जीवन रक्षा के फायदों के बारे में विस्तार से शिक्षित किया। पुलिस टीम ने विशेष रूप से युवा वर्ग को यह संदेश देने का प्रयास किया कि हेलमेट का उपयोग केवल पुलिस की दंडात्मक कार्रवाई से बचने का जरिया नहीं है, बल्कि यह स्वयं के जीवन को सुरक्षित रखने का एक अनिवार्य कवच है।

जन-जागरूकता के साथ-साथ नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मैदानी स्तर पर कड़ा रुख भी अपनाया गया। अभियान की अवधि के दौरान सभी जिलों में हेलमेट के बिना दुपहिया वाहन दौड़ाने वाले चालकों के खिलाफ सघन चेकिंग चलाकर चालानी कार्रवाई की गई। कुल पंद्रह दिनों की इस मुहिम में पूरे राज्य के भीतर कुल 97 हजार 965 वाहनों के चालान काटे गए, जिसके जरिए करीब 2 करोड़ 87 लाख 64 हजार 200 रुपए की शमन शुल्क (जुर्माना) राशि वसूल की गई। इसके अतिरिक्त, यातायात नियमों के गंभीर उल्लंघन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए पीओएस (POS) मशीन की मदद से 5 हजार 253 चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा संबंधी रिपोर्ट परिवहन विभाग को भेजी गई। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में सभी जिलों ने सक्रिय भूमिका निभाई, जिसमें इंदौर शहर के साथ-साथ रीवा और मैहर जिलों की पुलिस का कार्य विशेष रूप से सराहनीय रहा।

मध्य प्रदेश पुलिस विभाग के अनुसार, आम नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा और सड़क सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के चेतना सत्र और प्रवर्तन (चालानी) अभियान लगातार जारी रखे जाएंगे, ताकि सड़क हादसों में होने वाली मौतों और चोटों के ग्राफ को नीचे लाया जा सके और लोगों में सुव्यवस्थित यातायात व्यवहार की आदत विकसित की जा सके। इसके साथ ही, पुलिस प्रशासन ने प्रदेशवासियों से यह विशेष आग्रह किया है कि वे अपनी और अपने परिजनों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दुपहिया वाहन चलाते समय अनिवार्य रूप से मानक स्तर का हेलमेट पहनें, हर छोटी-बड़ी यातायात गाइडलाइन का सम्मान करें और एक अनुशासित व सुरक्षित यातायात तंत्र के निर्माण में अपनी नागरिक जिम्मेदारी निभाएं।

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