देश के 10 राज्यों में आगामी एक सप्ताह तक अत्यधिक गर्म और शुष्क हवाएं चलने की आशंका है। मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, ओडिशा, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों में लू (हीटवेव) का असर देखा जा रहा है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की कमजोरी और किसी अन्य प्रभावी मौसम प्रणाली की अनुपस्थिति के कारण फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे इन क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 45°C या उससे अधिक बने रहने के आसार हैं।
उत्तर भारत और मध्य भारत के बड़े हिस्से में मंगलवार को रिकॉर्ड तोड़ गर्मी दर्ज की गई। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब और महाराष्ट्र के कुल 22 शहरों में पारा 45°C के स्तर को पार कर गया। उत्तर प्रदेश के 22 जिलों में तापमान 40°C से ऊपर रहा। वहीं, यूपी का बांदा जिला मंगलवार को लगातार तीसरे दिन 48.2°C तापमान के साथ देश का सबसे तपता हुआ इलाका रहा। इससे पहले बीते दो दिनों में भी यहाँ पारा 46°C से ऊपर बना हुआ था, जबकि बांदा में सर्वकालिक रिकॉर्ड 15 मई 2022 को 49°C दर्ज किया गया था।
देश की राजधानी दिल्ली में मंगलवार को इस सीजन का चौथा ‘हीटवेव डे’ रिकॉर्ड किया गया। सफदरजंग मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 45.1°C दर्ज हुआ, जबकि रिज क्षेत्र 46.5°C तापमान के साथ दिल्ली का सबसे गर्म इलाका साबित हुआ। पंजाब और हरियाणा में भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। पंजाब के फरीदकोट में पारा 47.3°C तक जा पहुँचा। हरियाणा के रोहतक में 46.9°C और नारनौल में 45°C तापमान दर्ज किया गया, जबकि चंडीगढ़ में पारा सामान्य से 4°C अधिक रहकर 43.2°C तक पहुँच गया।
जलवायु विशेषज्ञों के मुताबिक, देश के विभिन्न शहरों में वास्तविक तापमान की तुलना में महसूस होने वाली गर्मी (फील टेंपरेचर) औसतन 2°C से 4°C तक अधिक दर्ज की जा रही है। इसका मुख्य कारण तीव्र गति से हो रहा शहरीकरण है, जो कंक्रीट के प्रभाव के चलते तापमान में उछाल ला रहा है और आम जनता को आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक तपन महसूस हो रही है।
आगामी 21 मई को उत्तर और मध्य भारत के अधिकांश राज्यों में रात के समय भी हीटवेव जैसे हालात बने रहेंगे, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों जैसे केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश की संभावना है। वहीं 22 मई को बिहार, झारखंड, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और बारिश का अनुमान है। इसी बीच राहत की खबर यह है कि दक्षिण-पश्चिमी मानसून ने दक्षिण अरब सागर में प्रवेश कर लिया है और यह कोमरिन सागर, श्रीलंका व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों को कवर करते हुए अगले 2-3 दिनों में लक्षद्वीप के मिनिकॉय द्वीप तक पहुँच सकता है।