मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 20 मई, बुधवार को भोपाल में गूगल के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक करने जा रहे हैं। इस उच्च स्तरीय चर्चा का मुख्य उद्देश्य राज्य और वैश्विक तकनीकी कंपनी गूगल के बीच एक मजबूत व दीर्घकालिक तकनीकी सहयोग स्थापित करना है। बैठक में मुख्य रूप से उन्नत क्लाउड कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित तकनीकों के उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि राज्य की जनसेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया जा सके।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से होने वाली यह बैठक प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम देगी। इस रणनीतिक चर्चा में भाग लेने के लिए गूगल क्लाउड इंडिया के पब्लिक सेक्टर निदेशक आशीष वाट्टल और एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स) मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, स्वास्थ्य क्षेत्र के एआई विशेषज्ञ और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भोपाल पहुंचे हैं। यह टीम राज्य में स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीकी नवाचार को लागू करने के रोडमैप पर विचार करेगी।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक के एजेंडे में आगामी ‘सिंहस्थ-2028’ के लिए आधुनिक तकनीक आधारित प्रबंधन को शीर्ष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत भीड़ नियंत्रण के लिए स्मार्ट सिस्टम, एआई पर आधारित आधुनिक पुलिसिंग और डेटा निगरानी प्रणालियों को विकसित करने पर बात होगी। इसके साथ ही आम नागरिकों को दी जाने वाली डिजिटल सेवाओं को पहले से अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
इस साझेदारी का असर राज्य के स्वास्थ्य, कृषि और शिक्षा क्षेत्रों पर भी देखने को मिलेगा। बैठक में इस बात पर विशेष मंथन होगा कि कैसे एआई के जरिए बीमारियों की जल्द पहचान की जाए और कृषि क्षेत्र में डिजिटल माध्यमों से किसानों की पहुंच को आसान बनाया जाए। शिक्षा के क्षेत्र में भी एआई आधारित शिक्षण प्रणालियों और युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए नई रणनीतियां बनाई जाएंगी।
तकनीकी सहयोग के अन्य प्रमुख बिंदुओं में राज्य के भीतर एआई स्किलिंग (कौशल विकास), एक विशेष एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना और स्थानीय स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को मजबूती देना शामिल है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के मोर्चे पर भी आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल की संभावनाओं को टटोला जाएगा। यह बैठक मध्यप्रदेश को अत्याधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में देश का एक अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।