मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के अयोध्या नगर थाना इलाके में 18 मई को पुलिस की मुस्तैदी और मानवीय पहल के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई। यहाँ अपने घर का रास्ता भूलकर लावारिस घूम रहे एक 5 वर्षीय बच्चे को डायल-112 की टीम ने सुरक्षित ढूंढकर उसकी व्याकुल मां के सुपुर्द कर दिया। पुलिस कर्मियों की इस त्वरित कार्रवाई से बच्चे के परिजनों को बड़ी राहत मिली है।
राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम को 18 मई को सूचना मिली थी कि अयोध्या नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इसरो एन सेक्टर स्थित दुर्गा मंदिर के समीप एक छोटा बच्चा अकेला घूम रहा है और वह अपने घर का मार्ग भूल चुका है। इस जानकारी के मिलते ही कंट्रोल रूम द्वारा तुरंत अयोध्या नगर क्षेत्र में गश्त कर रहे डायल-112 के फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल (FRV) को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
सूचना पर कार्रवाई करते हुए वाहन में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (सउनि) मोहम्मद सादिक और पायलट वैभव दुबे तत्काल मौके पर पहुँचे। उन्होंने सबसे पहले अकेले रो रहे बच्चे को अपनी सुरक्षा में लिया। इसके बाद पुलिस टीम ने बच्चे को अपने साथ वाहन में बैठाया और आसपास के रिहायशी इलाकों में स्थानीय नागरिकों से पूछताछ करते हुए उसके माता-पिता की खोजबीन शुरू की।
सघन तलाश के दौरान ही पुलिस टीम को एक महिला अपने लापता बच्चे को ढूंढती हुई मिली। डायल-112 के स्टाफ ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और पूरी तरह तसल्ली व सत्यापन करने के बाद मासूम को सुरक्षित उसकी मां के हवाले कर दिया। खोए हुए बच्चे को सही-सलामत वापस पाकर परिजनों की आंखों में आंसू आ गए और उन्होंने पुलिस बल व डायल-112 सेवा का सहृदय धन्यवाद किया।
यह घटना ‘डायल 112 हीरोज’ श्रृंखला के तहत पुलिस की संवेदनशीलता को रेखांकित करती है। इससे यह स्पष्ट होता है कि आपातकालीन स्थितियों के अलावा यह सेवा बच्चों, महिलाओं और आम जनता की सुरक्षा व मानवीय सरोकारों के लिए भी हमेशा मुस्तैद रहती है।