सागर में भीषण कार दुर्घटना: डायल-112 की टीम ने पेड़ से टकराई गाड़ी में फँसे घायलों को सुरक्षित निकाला, समय पर पहुँचाया अस्पताल

सागर में भीषण कार दुर्घटना: डायल-112 की टीम ने पेड़ से टकराई गाड़ी में फँसे घायलों को सुरक्षित निकाला, समय पर पहुँचाया अस्पताल

मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा थाना क्षेत्र में 19 और 20 मई की दरमियानी रात एक अनियंत्रित कार पेड़ से टकरा गई। इस सड़क हादसे में वाहन सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुँचे डायल-112 के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए कार में फँसे पीड़ितों को बाहर निकाला और त्वरित इलाज की व्यवस्था कर उनकी जान बचाई।

यह सड़क हादसा बंडा क्षेत्र के अंतर्गत सागर रोड पर स्थित सोनी पेट्रोल पंप के आगे घटित हुआ। देर रात अनियंत्रित होकर एक तेज रफ्तार कार सीधे पेड़ से जा टकराई, जिससे गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहाँ से गुजर रहे एक राहगीर ने बड़ा चौराहा नोडल प्वाइंट पर मुस्तैद डायल-112 की टीम को इस दुर्घटना की जानकारी दी, जिसके बाद इस घटनाक्रम को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम में दर्ज किया गया।

आपातकालीन सूचना मिलते ही बड़ा चौराहा पर तैनात आपातकालीन प्रतिक्रिया वाहन (एफआरव्ही) के स्टाफ आरक्षक श्री सोवरन यादव और पायलट श्री सोने सिंह लोधी बिना वक्त गँवाए घटनास्थल की ओर रवाना हुए। मौके पर पहुँचकर उन्होंने देखा कि दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए थे और सभी घायल अंदर ही फँसे हुए थे।

हालात की नाजुकता को भाँपते हुए पुलिसकर्मियों ने स्थानीय राहगीरों के सहयोग से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद कार के क्षतिग्रस्त हिस्से से तीनों घायलों को सकुशल बाहर निकाला गया। इसके तुरंत बाद, एक गंभीर घायल को डायल-112 के सरकारी वाहन से नजदीकी बंडा अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया।

वहीं, हादसे की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुँचे परिजनों ने बाकी दो घायलों को बेहतर और विशेषज्ञ इलाज दिलाने के लिए एक निजी वाहन से तत्काल सागर के लिए रवाना कर दिया। पुलिस बल की इस त्वरित और साहसिक प्रतिक्रिया के कारण ही सभी घायलों को ऐन वक्त पर चिकित्सीय सहायता मिल सकी।

पुलिस प्रशासन के अनुसार, ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला की यह घटना साबित करती है कि यह आपातकालीन सेवा सिर्फ सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित नहीं है। संकट के समय में धरातल पर त्वरित राहत पहुँचाना, रेस्क्यू ऑपरेशन चलाना और मानवीय संवेदनाओं के साथ आम नागरिकों के जीवन की रक्षा करना इस सेवा की मुख्य प्राथमिकता बनी हुई है।

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