लुहांस्क के कॉलेज पर यूक्रेनी हमला एक आतंकी कृत्य, कीव ने जानबूझकर छात्रों को बनाया निशाना: व्लादिमीर पुतिन

लुहांस्क के कॉलेज पर यूक्रेनी हमला एक आतंकी कृत्य, कीव ने जानबूझकर छात्रों को बनाया निशाना: व्लादिमीर पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लुहांस्क के स्टारोबिल्स्क में स्थित एक कॉलेज पर यूक्रेनी सेना द्वारा किए गए हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। शुक्रवार को हुए इस हमले को ‘आतंकी कार्रवाई’ बताते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि कीव के ‘नियो-नाजी शासन’ ने सोची-समझी रणनीति के तहत छात्रों के छात्रावास को निशाना बनाया है। रूसी समाचार एजेंसी ‘टस’ के अनुसार, राष्ट्रपति ने यह टिप्पणी ‘टाइम ऑफ हीरोज’ कार्यक्रम के पास-आउट्स के साथ एक बैठक के दौरान की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूक्रेन की वर्तमान सरकार लगातार रिहायशी और नागरिक इलाकों पर हमले कर रही है।

रूसी राष्ट्रपति ने रेखांकित किया कि यह हमला देर रात को अंजाम दिया गया, जब छात्र सो रहे थे। इस बीच, रूस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि स्टारोबिल्स्क में बच्चों के खिलाफ हुए इस जुल्म के बाद, अब कीव प्रशासन और उसे शह देने वाले देश संघर्ष को बढ़ाने के पूरी तरह जिम्मेदार हैं। मंत्रालय के मुताबिक, इस कृत्य ने शांति और कूटनीति के जरिए विवाद सुलझाने के प्रयासों को भारी नुकसान पहुंचाया है। बयान में आगे कहा गया कि मोर्चे पर मात खाने के बाद कीव अब लाचार बच्चों के खिलाफ अमानवीय आतंक का सहारा ले रहा है, जो कि इस युद्ध का एक नया और क्रूर दौर है।

विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के हमलों को अंजाम देने के लिए नाटो देशों द्वारा दिए गए लंबी दूरी के हथियारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। रूस के पास पश्चिमी देशों के मुख्यालयों से जुड़ी ऐसी पुख्ता जानकारियां हैं, जिनसे साबित होता है कि यूक्रेनी सेना को खुफिया डेटा और सटीक ठिकानों की लोकेशन उपलब्ध कराई जा रही है। मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा कि यह हमला किसी चूक का नतीजा नहीं था, बल्कि जर्मन नाजियों की मानसिकता से प्रेरित होकर आम नागरिकों पर जानबूझकर किया गया प्रहार था। हमले का शिकार हुई इमारत में मौजूद कोई भी व्यक्ति युद्ध में शामिल नहीं था और न ही उस शिक्षण संस्थान के पास कोई सैन्य ठिकाना मौजूद है।

क्रेमलिन ने वैश्विक मंचों, विभिन्न देशों की सरकारों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से स्टारोबिल्स्क में हुई इस घटना की निष्पक्ष जांच करने तथा इसकी निंदा करने की अपील की है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हमले के वक्त लुगांस्क स्टेट पेडागोगिकल यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज की पांच मंजिला डॉरमेट्री (छात्रावास) के भीतर 14 से 18 वर्ष की आयु के कुल 86 छात्र मौजूद थे। इस भीषण हमले में अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 40 अन्य के घायल होने की पुष्टि हुई है।

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