वार्तालाप से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई का मंच बन रहा है क्वाड: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

वार्तालाप से आगे बढ़कर ठोस कार्रवाई का मंच बन रहा है क्वाड: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

नई दिल्ली में मंगलवार को आयोजित क्वाड (Quad) देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस रणनीतिक समूह की कार्यप्रणाली में आए बड़े बदलाव को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समूह अब केवल चर्चाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ‘कार्रवाई-प्रधान’ (एक्शन-ओरिएंटेड) मंच के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है। उन्होंने कहा कि चारों सदस्य देश मिलकर साझा चिंताओं पर विमर्श करने के साथ ही उन पर व्यावहारिक कदम भी उठा रहे हैं। रुबियो ने पदभार संभालने के तुरंत बाद इस बैठक में शामिल होने को क्वाड के प्रति वाशिंगटन की सुदृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

बैठक के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने भारत सरकार और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का इस महत्वपूर्ण आयोजन तथा द्विपक्षीय यात्रा की शानदार मेजबानी के लिए आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग और जापान के विदेश मंत्री ताकाशी उतो (तोशी) की उपस्थिति को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। रुबियो ने जोर देकर कहा कि इस शीर्ष पद की जिम्मेदारी संभालते ही उनकी पहली आधिकारिक बैठक का क्वाड के साथ होना यह दिखाता है कि अमेरिका इस मंच को कितनी प्राथमिकता देता है।

मार्को रुबियो ने समूह के दूरदर्शी लक्ष्यों को साझा करते हुए कहा कि पिछले एक वर्ष के दौरान अमेरिकी प्रशासन का मुख्य उद्देश्य इस मंच को केवल वैश्विक चुनौतियों पर संवाद करने का माध्यम बनाने के बजाय एक ऐसा मंच बनाना रहा है, जहाँ ठोस परिणाम हासिल किए जा सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सदस्य देश अपने नागरिकों को इस दिशा में हो रही त्वरित और प्रभावी प्रगति को दिखाने में सफल रहे हैं। समकालीन वैश्विक परिदृश्यों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान दौर की घटनाओं ने उन क्षेत्रों की प्रासंगिकता और बढ़ा दी है जहाँ चारों देश मिलकर काम कर रहे हैं, और आज की इस बैठक से इन संबंधों को अधिक व्यावहारिक और मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

अमेरिकी विदेश मंत्री ने चारों सहयोगी देशों की सामूहिक क्षमताओं की सराहना करते हुए कहा कि यह संगठन चार रणनीतिक साझेदारों के आपसी हितों की चर्चा से कहीं आगे निकल चुका है। अब यह एक ऐसा मंच बन चुका है जहाँ चारों देश अपनी अद्वितीय क्षमताओं का समन्वय करके दुनिया की बड़ी चुनौतियों का समाधान दे रहे हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि मानवीय सहायता, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों के साथ-साथ आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) को विविधता प्रदान करने जैसे मोर्चों पर यह समूह बेहद प्रभावी सिद्ध हो रहा है।

उल्लेखनीय है कि क्वाड समूह में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इस चतुर्भुज गठबंधन का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर समुद्री सुरक्षा, बुनियादी ढांचे के विकास, आपदा प्रबंधन, महत्वपूर्ण खनिजों की निर्बाध आपूर्ति, सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने और अत्याधुनिक तकनीकों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आपसी सहयोग को निरंतर बढ़ावा देना है।

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