भारतीय शेयर बाजार में पिछले दिनों की तेजी पर आज विराम लग गया और दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन, यानी मंगलवार 26 मई को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 479 अंकों की कमजोरी के साथ 76,009 के स्तर पर सिमट गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी आज दबाव से उबर नहीं पाया और 118 अंक टूटकर 23,913 पर बंद हुआ। आज बाजार में गिरावट का मुख्य कारण मेटल, रियल्टी और निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में देखी गई भारी बिकवाली रही।
आज के कारोबार के दौरान वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत देखने को मिले। एशियाई बाजारों की बात करें तो दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.55% की शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान के निक्केई में 0.25% की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग सूचकांक भी मामूली रूप से 0.03% टूटकर बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर निवेशकों का रुख बेहद सतर्क नजर आया।
इससे पहले सोमवार को अमेरिकी बाजारों में मजबूती का रुख रहा था। अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में शामिल डाउ जोन्स 0.58% की तेजी के साथ बंद होने में कामयाब रहा। इसके साथ ही नैस्डैक में 0.19% और एसएंडपी 500 (S&P 500) में 0.37% की बढ़त रिकॉर्ड की गई थी। हालांकि, अमेरिकी बाजारों की इस तेजी का असर आज भारतीय बाजारों पर दिखाई नहीं दिया।
संस्थागत निवेशकों के आंकड़ों पर नजर डालें तो विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI/FII) ने पिछले कारोबारी सत्र में बाजार को सहारा देने का प्रयास किया था। सोमवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में ₹822 करोड़ के शेयरों की शुद्ध खरीदारी की थी। अगर पिछले सात दिनों और तीस दिनों के रुझान को देखें तो विदेशी निवेशकों की तरफ से क्रमशः ₹7,107 करोड़ और ₹45,178 करोड़ की बिकवाली दर्ज की गई है। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने बाजार में लगातार अपनी पकड़ मजबूत रखी है। घरेलू निवेशकों ने कल ₹3,857 करोड़ की खरीदारी की, जबकि बीते 7 दिनों में ₹14,321 करोड़ और पिछले 30 दिनों में कुल ₹72,308 करोड़ का निवेश बाजार में किया है।
आज की यह गिरावट सोमवार को बाजार में आई जोरदार तेजी के बाद देखने को मिली है। गौरतलब है कि बीते कल यानी सोमवार को बाजार में जबरदस्त उछाल आया था, जहां सेंसेक्स 1074 अंकों की छलांग लगाकर 76,489 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद होने में सफल रहा था। विशेषज्ञ आज की गिरावट को इसी रिकॉर्ड तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली के रूप में देख रहे हैं।