मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे अस्पताल: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगे अस्पताल: उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल

चिकित्सा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की प्रस्तावित कार्ययोजना की गहन समीक्षा की। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रदेश के अस्पतालों में इलाज की गुणवत्ता, पारदर्शिता और सेवा प्रदायगी को हर हाल में मजबूत किया जाए। उप मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि डिजिटल तकनीक का असली फायदा तब है जब मरीजों को समयबद्ध और सुलभ उपचार की प्राप्ति हो। इस बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल और आयुक्त श्री धनराजू एस सहित अन्य आला अधिकारी उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि अस्पतालों के भीतर मरीजों को दी जाने वाली तमाम सुविधाएं जैसे कि ओपीडी पंजीयन, जांच, प्रिस्क्रिप्शन, दवाइयों का वितरण और आईपीडी में भर्ती व डिस्चार्ज की प्रक्रियाओं को आपस में ऑनलाइन जोड़ दिया जाए। उनके अनुसार, इन सभी सेवाओं के एकीकृत होने से मरीजों को अस्पताल परिसर में भटकना नहीं पड़ेगा और पूरी चिकित्सा प्रक्रिया बेहद सहज हो जाएगी।

बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री धनराजू एस ने एक विस्तृत प्रस्तुतिकरण के माध्यम से चरणबद्ध डिजिटल हेल्थ ट्रांसफॉर्मेशन की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत ओपीडी, आईपीडी, फार्मेसी, लैब (एलआईएस) और रेडियोलॉजी (आरआईएस) जैसी सेवाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया जा रहा है। इसके शुरुआती चरण में सॉफ्टवेयर और पोर्टल का विकास करने के साथ-साथ अस्पतालों की स्थानीय आवश्यकताओं और चिकित्सकीय टेम्पलेट्स को अंतिम रूप दिया जा रहा है। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को इसके संचालन के लिए जिला स्तरीय ओरिएंटेशन सत्रों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा।

कर्मचारियों के व्यावहारिक अभ्यास के लिए सबसे पहले अस्पतालों में आईपीडी एडमिशन और डिस्चार्ज मॉड्यूल का एक डेमो वर्जन उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद चुनिंदा जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में पायलट चरण की शुरुआत की जाएगी। लैबोरेटरी इंफॉर्मेशन सिस्टम के एकीकरण और जिला स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा केंद्रों की स्थापना के बाद, इस व्यवस्था को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला चिकित्सालयों में लागू कर दिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न मॉड्यूल्स को चरणबद्ध तरीके से लाइव करते हुए दिसंबर तक इसे प्रदेशव्यापी स्तर पर पूरी तरह से लागू करने की तैयारी है।

इस नई डिजिटल प्रणाली से जहां एक तरफ डेटा के आधार पर निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ पारदर्शी तरीके से मरीजों का उपचार सुनिश्चित होगा। बैठक में प्रदेश की हीमोडायलिसिस सेवाओं को उन्नत बनाने की योजना भी सामने रखी गई। इसके तहत किडनी की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के निरंतर इलाज के लिए पुराने व जर्जर हो चुके उपकरणों को बदला जाएगा और आवश्यकतानुसार नए चिकित्सा उपकरणों व डायलिसिस मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

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