भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साइप्रस में आयोजित यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश मंत्रियों की अनौपचारिक बैठक के दौरान कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। बुधवार को साइप्रस पहुंचे विदेश मंत्री ने इन बैठकों में विभिन्न क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट और यूक्रेन युद्ध की स्थिति पर विशेष रूप से विचार-विमर्श किया। उन्हें इस महत्वपूर्ण बैठक के लिए यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास और साइप्रस के विदेश मंत्री कॉन्स्टेंटिनोस कोम्बोस द्वारा आमंत्रित किया गया था।
इस दौरे के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा के साथ एक अहम बैठक की, जिसमें यूक्रेन में जारी संघर्ष और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मुलाकात के बाद एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि साइप्रस में भारतीय विदेश मंत्री के साथ उनकी बेहद सार्थक बातचीत रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, जमीनी हालात और विशेष रूप से इस संकट में यूक्रेन की बढ़ती पहलों को लेकर चर्चा की गई।
यूक्रेनी विदेश मंत्री ने शांति प्रयासों को लेकर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि उनका संदेश पूरी तरह स्पष्ट है कि वे इस युद्ध का अंत चाहते हैं और एक स्थायी व व्यापक शांति की स्थापना के पक्षधर हैं। उन्होंने वार्ता में शांति स्थापना के प्रयासों और वैश्विक स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। सिबिहा ने कहा कि वर्तमान में जैसे-जैसे यूरोप अपनी जिम्मेदारियों में बढ़ोतरी कर रहा है, वे इस मंच पर भारत की सशक्त आवाज और योगदान का स्वागत करते हैं। बैठक में दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने पर भी सहमति बनी और तय हुआ कि आपसी हित से जुड़े विषयों पर दोनों पक्ष नियमित संवाद बनाए रखेंगे।
इसके साथ ही, विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के बदलते भू-राजनीतिक परिदृश्य को लेकर अपने विचार साझा किए। इस बैठक के संदर्भ में जयशंकर ने ‘एक्स’ पर लिखा कि सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ उनकी यह मुलाकात काफी अच्छी रही। उन्होंने पश्चिम एशिया और मिडिल ईस्ट की तेजी से बदलती परिस्थितियों पर सऊदी अरब के विदेश मंत्री के विश्लेषण और गहरी समझ के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
अपनी कूटनीतिक सक्रियता को आगे बढ़ाते हुए जयशंकर ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास के साथ भी उच्च स्तरीय वार्ता की। इस बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु भारत और यूरोपीय संघ के बीच सहयोग को और मजबूत करना तथा पश्चिम एशिया के वर्तमान भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर चर्चा करना रहा। यह पूरी भागीदारी यूरोपीय संघ के विदेश मंत्रियों की इसी अनौपचारिक बैठक के दौरान संपन्न हुई।