इंदौर में आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ड्रोन यूनिट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ

इंदौर में आधुनिक तकनीक से मजबूत होगी सुरक्षा और यातायात व्यवस्था; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया ड्रोन यूनिट और मोबाइल ऐप का शुभारंभ

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को इंदौर में ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ मोबाइल ऐप की शुरुआत कर तकनीक आधारित सुशासन की एक बड़ी पहल की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने इंदौर पुलिस के बेड़े में 18 अत्याधुनिक हाईटेक ड्रोन्स और 10 नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाकर शामिल किया। कानून-व्यवस्था की निगरानी और यातायात प्रबंधन को अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने में ये ड्रोन्स पुलिस के लिए ‘तीसरी आंख’ की भूमिका निभाएंगे। इसके अतिरिक्त, स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर मुख्यमंत्री ने इंदौर में तीन नए पुलिस थाने स्थापित करने का ऐलान किया और आश्वस्त किया कि पुलिसकर्मियों की कमी को सिलसिलेवार ढंग से दूर किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की कि राज्य सरकार हर साल पुलिस महकमे में 22 हजार 500 पदों पर नियुक्तियां कर रही है और वर्तमान में लगभग सभी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया गतिशील है। इसके साथ ही प्रदेश के प्रत्येक जिले में पुलिस बैंड की स्थापना भी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति और सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए सरकार पूरी तरह पुलिस बल के साथ खड़ी है, लेकिन आम जनता को बेवजह की दिक्कतों का सामना न करना पड़े और ड्यूटी में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तकनीक के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह जनता के कल्याण के लिए जितनी उपयोगी है, उतनी ही बड़ी चुनौती भी है, इसलिए इसका उचित इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि ड्रोन पुलिस की यह अवधारणा इंदौर से ही शुरू हुई है, जो आने वाले समय में एक बड़ी मिसाल बनेगी।

शहर के गौरवमयी इतिहास और आधुनिक प्रगति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ‘विरासत से विकास’ के सिद्धांत पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने याद दिलाया कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर ने इंदौर को सेवा, सुशासन और जनहित के जिन आदर्शों से सींचा था, आज वही शहर तकनीकी विकास और नवाचारों में पूरे देश के सामने एक मिसाल पेश कर रहा है। उन्होंने विज्ञान को लोक कल्याणकारी राज्य के लिए एक वरदान बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार आधुनिक तकनीक की सहायता से नागरिकों के जीवन को बदलने और लोकसेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित करने के लिए संकल्पित है। ये आधुनिक तकनीकें प्रशासनिक कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ आम जनमानस को बेहतर सुविधाएं देने में अहम साबित हो रही हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘डिस्ट्रिक्ट ड्रोन यूनिट’ और ‘इंदौर ट्रैफिक साथी’ जैसे अनूठे प्रयास पुलिस और प्रशासन दोनों की कार्यप्रणाली को नई ऊर्जा और शक्ति देंगे, जिससे नागरिक सेवाएं और अधिक सुगम व असरदार बनेंगी। उन्होंने इसे सुरक्षित और स्मार्ट इंदौर की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, जहां ये ड्रोन्स सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करेंगे, वहीं ट्रैफिक साथी ऐप वाहन चालकों को पार्किंग की सही लोकेशन बताने में बेहद मददगार साबित होगा।

इस दौरान इंदौर के पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने जानकारी दी कि पुलिस बेड़े में शामिल किए गए ये 18 अत्याधुनिक ड्रोन्स दो किलोमीटर के दायरे को कवर करने में सक्षम हैं, जिससे भीड़भाड़ वाले इलाकों का प्रबंधन बेहद आसान हो जाएगा। उन्होंने बताया कि अब यातायात के साथ-साथ अपराधों पर लगाम लगाने में भी इसकी मदद ली जाएगी। इसका सफल प्रयोग पहले ही इंदौर की ऐतिहासिक रंगपंचमी गैर और बसंत पंचमी पर भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था में किया जा चुका है। पुलिस कमिश्नर ने यह भी साझा किया कि इंदौर पुलिस द्वारा अब तक 4 हजार 370 लोगों को मुफ्त हेलमेट वितरित किए जा चुके हैं।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पूर्व मंत्री व विधायक उषा ठाकुर, पूर्व मंत्री व विधायक महेन्द्र हार्डिया, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक मालिनी गौड़, विधायक मधु वर्मा, विधायक मनोज पटेल, विधायक राकेश शुक्ला सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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