के. अन्नामलाई ने दिया भाजपा से इस्तीफा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंजूर किया पदत्याग

के. अन्नामलाई ने दिया भाजपा से इस्तीफा, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंजूर किया पदत्याग

तमिलनाडु भाजपा के कद्दावर नेता के. अन्नामलाई ने भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उनके इस त्यागपत्र को स्वीकार कर लिया है। पार्टी के इस बड़े फैसले और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह द्वारा की गई है।

इस बीच, के. अन्नामलाई आज दोपहर 12 बजे सोशल मीडिया मंचों के जरिए जनता और मीडिया से मुखातिब होंगे। सियासी गलियारों और मीडिया हलकों में यह प्रबल संभावना जताई जा रही है कि इस वर्चुअल संवाद के दौरान वह अपने भविष्य को लेकर कोई बड़ा राजनैतिक ऐलान कर सकते हैं। वहीं उनके समर्थक भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अन्नामलाई राजनीति की नई दिशा तय करने वाला कोई साहसिक कदम उठाएंगे।

अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि वह आम लोगों और अपने प्रशंसकों से ऑनलाइन जुड़ने, विचारों का आदान-प्रदान करने तथा एक खुली बातचीत का हिस्सा बनने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उनके इस बयान के बाद से ही उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

गौर करने वाली बात यह है कि अपना इस्तीफा मंजूर होने से ठीक पहले अन्नामलाई ने देश की राजधानी दिल्ली का एक महत्वपूर्ण दौरा किया था। दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की थी। इसके तुरंत बाद उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी शिष्टाचार भेंट की थी, जिसमें उन्होंने अपनी आगामी राजनैतिक कार्ययोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की थी।

दिल्ली में हुई इन शीर्ष स्तरीय बैठकों के बाद राजनैतिक विश्लेषकों और गलियारों में यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी आलाकमान अन्नामलाई को मनाने में सफल रहेगा और वह अपना फैसला बदल लेंगे। हालांकि, यह कोशिशें कामयाब नहीं हो सकीं और अंततः उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। अब सभी की निगाहें दोपहर को होने वाले उनके मीडिया संवाद पर टिकी हैं।

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी रहे के. अन्नामलाई साल 2020 में खाकी वर्दी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अपनी सक्रियता के दम पर वह बेहद कम समय में तमिलनाडु में पार्टी के सबसे कद्दावर और प्रमुख चेहरे के रूप में उभरे। इसके बाद वर्ष 2021 से 2025 तक प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने कई बड़े राज्यव्यापी आंदोलनों और अभियानों की कमान संभाली, जिसके चलते युवाओं और सोशल मीडिया पर उनकी एक बेहद मजबूत पकड़ बन गई थी।

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