अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से चर्चा के दौरान स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) में व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका को अपने यूरोपीय सहयोगियों की सैन्य सहायता की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि यह महत्वपूर्ण वैश्विक समुद्री मार्ग जल्द ही पूरी तरह खुलेगा और सुरक्षित रहेगा। गुरुवार को वाशिंगटन में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी बात रखी।
रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण इस जलमार्ग की सुरक्षा के संबंध में जब ट्रंप से यूरोपीय देशों की भूमिका पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि हमारी सेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्षम फौज है, इसलिए हमें किसी बाहरी मदद की दरकार नहीं है। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन ने पहले अपने सहयोगी देशों को इस अभियान में शामिल होने का अवसर दिया था, जिसके तहत नाटो (NATO) के सदस्यों सहित कई अन्य देशों से संपर्क भी किया गया था।
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार, अमेरिका की इस पहल को उन देशों ने स्वीकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सहयोगी देशों के सामने मदद का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सभी ने इसे ठुकरा दिया। ट्रंप ने आगाह किया कि यह निर्णय आने वाले समय में उन देशों के लिए काफी नुकसानदेह साबित हो सकता है, क्योंकि वे अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए पूरी तरह से खाड़ी क्षेत्र पर ही आश्रित हैं।
ट्रंप ने अमेरिका की मजबूत स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उनके देश के पास अपनी घरेलू जरूरतों से कहीं अधिक तेल और ऊर्जा के संसाधन मौजूद हैं, जबकि दुनिया के कई दूसरे देश अब भी खाड़ी क्षेत्र से होने वाली सप्लाई पर निर्भर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यूरोपीय देशों और अन्य वैश्विक सहयोगियों को इस क्षेत्र से मिलने वाले ईंधन की सख्त जरूरत है, जबकि अमेरिका आत्मनिर्भर है।
बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने होर्मुज जलडमरूमध्य के भविष्य को ईरान के साथ चल रहे कूटनीतिक घटनाक्रमों से जोड़ा। उन्होंने साफ किया कि किसी भी भावी समझौते की सबसे बुनियादी और महत्वपूर्ण शर्त यही है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना इस इलाके में नौवहन सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए पहले ही प्रभावी कदम उठा चुकी है।
अपने संबोधन के अंत में ट्रंप ने जानकारी दी कि अमेरिकी नौसेना ने इस समुद्री क्षेत्र से बड़े पैमाने पर बिछाई गई बारूदी सुरंगों (माइंस) को हटाकर निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास दुनिया के सबसे आधुनिक माइंसवीपर (बारूदी सुरंगें हटाने वाले जहाज) मौजूद हैं। गौरतलब है कि फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त ऊर्जा मार्ग है, जहां से वैश्विक स्तर पर व्यापार होने वाले कच्चे तेल और एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) का एक बड़ा हिस्सा रोजाना गुजरता है।