राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज, 7 जून से घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) की कीमतों में 29 रुपये की बढ़ोतरी लागू हो गई है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों द्वारा किए गए इस मूल्य संशोधन के बाद अब दिल्ली के उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 913 रुपये के बजाय 942 रुपये का भुगतान करना होगा।
इससे पहले सरकारी तेल कंपनियों ने 1 जून को व्यावसायिक इस्तेमाल वाले (कमर्शियल) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बदलाव किया था। तब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम में 42 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिससे व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ा था।
पिछले पांच महीनों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में लगातार उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। साल के दूसरे महीने यानी फरवरी में इसमें 49 रुपये की वृद्धि की गई थी, जिसके बाद मार्च में दाम 115 रुपये और बढ़ा दिए गए। इसके बाद अप्रैल महीने में उपभोक्ताओं को सबसे तगड़ा झटका देते हुए प्रति सिलेंडर 993 रुपये की भारी भरकम बढ़ोतरी की गई, और फिर 1 जून से इसके दाम एक बार फिर बढ़ा दिए गए।
समीक्षकों और तेल कंपनियों के मुताबिक, इस मूल्य वृद्धि के पीछे मुख्य वजह ईंधन की बढ़ती लागत और परिवहन खर्च में आया उछाल है। इस मूल्य संशोधन के तहत आम और कमर्शियल सिलेंडरों के अलावा, 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमतों में भी 11 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रसोई गैस के अलावा आम जनता को सीएनजी और अन्य वाहनों के ईंधन पर भी अतिरिक्त पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में हाल ही में सीएनजी की कीमतों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम का इजाफा किया गया था। कुल मिलाकर 15 मई के बाद से चार अलग-अलग चरणों में सीएनजी के दाम 6 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ चुके हैं।
वाहन ईंधन की बात करें तो 19 मई को पेट्रोल की कीमतों में 86 पैसे और डीजल में 83 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में पेट्रोल 98.64 रुपये और डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया। इस बढ़ोतरी से पहले, 15 मई को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर और सीएनजी की दरों में 2 रुपये प्रति किलोग्राम की वृद्धि की थी।