मुंबई: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दहिसर में आधुनिक ‘सुविधा केंद्र’ का किया लोकार्पण, स्लम बस्तियों को मिलेंगी बेहतर बुनियादी सुविधाएं

मुंबई: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने दहिसर में आधुनिक ‘सुविधा केंद्र’ का किया लोकार्पण, स्लम बस्तियों को मिलेंगी बेहतर बुनियादी सुविधाएं

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई के दहिसर इलाके में एक नए ‘सुविधा केंद्र’ की शुरुआत की है। इस नवनिर्मित केंद्र का मुख्य उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ियों में जीवन बसर करने वाले नागरिकों को उच्च स्तरीय स्वच्छता और आवश्यक बुनियादी सुविधाएं प्रदान करना है। यह कदम देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने, उसे गरिमापूर्ण जीवन देने और सुगमता बढ़ाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुरूप उठाया गया है।

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह निरंतर प्रयास रहा है कि देश के हर वर्ग को श्रेष्ठ सुविधाएं प्राप्त हों, ताकि उनका जीवन सुगम और सम्मानजनक बन सके। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि शौचालय को केवल एक बुनियादी जरूरत के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह सीधे तौर पर आम जनमानस के स्वाभिमान और गरिमा से जुड़ा हुआ विषय है। इसी दूरदर्शी सोच के कारण स्वच्छता अभियान को देश की प्रगति और विकास यात्रा का एक अनिवार्य हिस्सा बनाया गया है।

केंद्रीय मंत्री ने स्लम बस्तियों की जमीनी हकीकत पर बात करते हुए कहा कि झुग्गियों में रहने वाले लोग अपनी मर्जी से वहां नहीं बसते, बल्कि विपरीत परिस्थितियां और मजबूरियां उन्हें ऐसे माहौल में रहने के लिए विवश करती हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि वह स्लम पुनर्विकास योजनाओं के जरिए प्रत्येक झुग्गीवासी को एक पक्का और सुरक्षित मकान दिलाना चाहते हैं। लेकिन जब तक इस बड़े लक्ष्य को पूरी तरह से प्राप्त नहीं कर लिया जाता, तब तक वहां रहने वाले नागरिकों को दैनिक जीवन के लिए बेहतर और स्वच्छ सुविधाएं मुहैया कराना बेहद आवश्यक है।

इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तर मुंबई के क्षेत्र में इस उद्देश्य को लेकर एक वृहद स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। इस सामाजिक सरोकार के कार्य में हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचएसबीसी, जेएसडब्ल्यू जैसी प्रमुख कंपनियों और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) का सहयोग लिया जा रहा है। इनके संयुक्त प्रयास से ही मुंबई के अलग-अलग इलाकों में इन सुविधा केंद्रों का निर्माण किया जा रहा है। दहिसर में स्थापित हुआ यह नया केंद्र उत्तर मुंबई का पहला, जबकि इस पूरे अभियान के अंतर्गत देश भर में तैयार किया गया 25वां सुविधा केंद्र है।

भविष्य की रूपरेखा साझा करते हुए पीयूष गोयल ने एलान किया कि आने वाले तीन सालों के भीतर इस तरह के 100 और नए सुविधा केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे खास बात यह है कि इन केंद्रों के प्रबंधन और संचालन की जिम्मेदारी स्थानीय महिलाओं को सौंपी जाएगी, जिससे उन्हें रोजगार मिलने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त होगा। सुविधाओं का ब्योरा देते हुए उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में अत्याधुनिक शौचालयों के अलावा कपड़े धोने (लॉन्ड्री) की व्यवस्था होगी और बेहद रियायती दर पर महज एक रुपये प्रति लीटर की कीमत से शुद्ध पीने का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही, जल संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पानी के रीसाइक्लिंग (पुनर्चक्रण) और आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा।

अपने संबोधन के समापन पर केंद्रीय मंत्री ने पूरा भरोसा जताया कि यह कल्याणकारी योजना झुग्गी क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों की दिनचर्या और जीवन स्तर में एक बड़ा व सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी। उन्होंने कहा कि मुंबई को एक स्वच्छ, सुविधाजनक और हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाले समावेशी महानगर के रूप में विकसित करने की दिशा में यह एक बेहद प्रभावी कदम साबित होगा।

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