जानिए देश में मौसम का हाल

जानिए देश में मौसम का हाल

देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, रविवार तक मानसून ने देश के 12 राज्यों को अपने दायरे में ले लिया है। इस बीच, मानसून के आगमन से पहले मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई हिस्सों में जोरदार प्री-मानसून वर्षा दर्ज की गई है। वहीं, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रविवार को तेज आंधी और बारिश के कारण एअर इंडिया के तीन विमान दुर्घटनाग्रस्त होने से बाल-बाल बचे। इसके विपरीत, दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से एक बार फिर मौसम करवट ले रहा है, जहां आने वाले दिनों में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) का प्रकोप बढ़ने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इस वर्ष मानसून ने केरल में निर्धारित समय से तीन दिन की देरी के साथ 4 जून को दस्तक दी थी। हालांकि, शुरुआती सुस्ती के बाद इसने महज चार दिनों के भीतर देश के 12 राज्यों में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। रविवार को मानसून ने पूर्वोत्तर के राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा और नगालैंड में प्रवेश कर लिया, जबकि इससे ठीक एक दिन पहले शनिवार को यह महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम तक पहुंच चुका था। वर्तमान स्थिति में मानसून संपूर्ण केरल, कर्नाटक, मणिपुर, नगालैंड और मिजोरम को पूरी तरह से कवर कर चुका है।

इस बदलते मौसमी चक्र के बीच, रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 पर एक बड़ा हादसा सामने आया। अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के चलते एअर इंडिया इंजीनियरिंग और इंडिगो के ग्राउंड सपोर्ट उपकरण (जीएसई) अपनी निर्धारित जगह से खिसक गए और वहां खड़े एअर इंडिया के तीन नैरो-बॉडी विमानों से जा टकराए। इस टक्कर के कारण तीनों विमानों को क्षति पहुंची है, जिसके बाद एहतियात के तौर पर इन्हें तुरंत उड़ान संचालन (ऑपरेशन) से बाहर कर दिया गया है। हवाई अड्डा संचालक के अनुसार, इस अचानक आए तूफान को लेकर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) की ओर से कोई पूर्व चेतावनी जारी नहीं की गई थी। सूत्रों का कहना है कि इनमें से दो विमानों को मरम्मत के बाद जल्द ही सेवा में वापस ले लिया जाएगा, जबकि तीसरे विमान को ठीक होने में थोड़ा अधिक समय लगेगा।

मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि आगामी तीन से चार दिनों के भीतर मानसून बिना किसी व्यवधान के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के शेष हिस्सों की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि 7 से 9 जून के मध्य केरल के विभिन्न हिस्सों में अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है, जबकि लक्षद्वीप में भी 7 और 8 जून को भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है।

इसके साथ ही, मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों यानी 9 और 10 जून के लिए देशव्यापी वेदर अलर्ट जारी किया है:

  • 9 जून का पूर्वानुमान: केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश की संभावना है। वहीं, ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गरज-चमक और आंधी के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। राजस्थान के पूर्वी इलाकों में 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।
  • 10 जून का पूर्वानुमान: दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में वर्षा का अनुमान है। पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। इसके अलावा, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में आंधी-तूफान के साथ बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है।

देश के विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय स्तर पर मौसम का मिजाज इस प्रकार बना हुआ है:

  • मध्य प्रदेश: राज्य में भले ही मानसून का आधिकारिक प्रवेश नहीं हुआ है, लेकिन प्री-मानसून गतिविधियों के कारण जून महीने के कोटे की 65% से अधिक बारिश पहले ही हो चुकी है। प्रदेश में अब तक औसतन 12.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि का सामान्य औसत 8.3 मिमी रहता है। भोपाल, आगर-मालवा और शाजापुर में 50.8 मिमी तथा नीमच में 63.5 मिमी वर्षा हो चुकी है। आज भी 30 से अधिक जिलों में बारिश का अलर्ट है, हालांकि इंदौर-खंडवा हाईवे पर आंधी के कारण एक ऑटो पलटने की घटना भी सामने आई है।
  • उत्तर प्रदेश: राज्य के बागपत और मेरठ सहित 14 जिलों में मौसम विभाग ने 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इसके विपरीत, यूपी के 16 जिलों में रविवार को पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार रहा, जिसमें बांदा और झांसी 43.2 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ सबसे गर्म स्थान दर्ज किए गए।
  • राजस्थान: मरुधरा में गर्मी के साथ अब उमस ने परेशान करना शुरू कर दिया है। बाड़मेर, बीकानेर और जोधपुर सहित पश्चिमी हिस्से के 8 जिलों में पारा एक बार फिर 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जबकि पूर्वी जिलों में तापमान फिलहाल 40 डिग्री से नीचे है। रविवार को श्रीगंगानगर में बारिश के साथ ओले गिरे। मौसम विभाग ने आज बीकानेर, हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर सहित 6 जिलों के लिए आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
  • बिहार: राज्य में भीषण गर्मी के बाद अब लोग उमस भरी गर्मी से जूझ रहे हैं। मौसम विभाग ने आज मधुबनी और अररिया समेत 14 जिलों में आंधी और बारिश का यलो अलर्ट दिया है, जबकि शेष 24 जिलों में शुष्क और गर्म मौसम का प्रभाव रहेगा। पिछले 24 घंटों में कैमूर जिला 40.5 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य में सबसे गर्म रहा।
  • हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड: हिमाचल प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों में रविवार को तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा, जिससे कई हिस्सों में लू (हीटवेव) का असर देखा गया। ऊना में सर्वाधिक 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। विभाग ने अगले दो दिनों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया है, हालांकि 11 जून से यहां बारिश के आसार हैं। पड़ोसी राज्य उत्तराखंड के उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत 5 पर्वतीय जिलों में आज बारिश की संभावना है, लेकिन मैदानी इलाकों में अगले 3 दिनों में तापमान 1 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है। रविवार को काशीपुर में सर्वाधिक 42 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा।
  • पंजाब ও दिल्ली-NCR: पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में गर्मी का प्रकोप दोबारा बढ़ गया है। पंजाब के चार जिलों—फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा और मानसा में आज लू का अलर्ट जारी किया गया है। रविवार को बठिंडा में तापमान 2.1 डिग्री की बढ़त के साथ 44.8 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, दिल्ली-NCR में सोमवार से मौसम पूरी तरह शुष्क हो रहा है, जिससे आगामी दिनों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और अगले सप्ताह भीषण हीटवेव चलने की प्रबल आशंका है।

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