प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ को लेकर मध्य प्रदेश के नागरिकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। हालिया आंकड़ों के अनुसार, सूबे में अब तक 1 लाख 33 हजार 121 सौर संयंत्र सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं, जिसके जरिए कुल 498.03 मेगावाट की सौर क्षमता विकसित की गई है। इस कल्याणकारी योजना के तहत प्रदेश के उपभोक्ताओं को अब तक कुल 942.19 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। राज्य के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल से आम परिवार ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। यह योजना मध्य प्रदेश में पर्यावरण सुरक्षा, आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला रही है।
राज्य की तीनों विद्युत वितरण कंपनियों ने इस अभियान के तहत शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी सबसे आगे रही है। इस कंपनी के कार्यक्षेत्र में 54 हजार 773 सौर संयंत्रों की स्थापना की गई है, जिससे 56 हजार 247 परिवारों को सीधा फायदा पहुंचा है। यहां कुल 202.07 मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता तैयार की गई है और उपभोक्ताओं को 389.31 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी राशि दी जा चुकी है।
इसी तरह मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधिकार क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। यहां अब तक कुल 47 हजार 734 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनकी मदद से 50 हजार 323 परिवारों के घर रोशन हो रहे हैं। इस क्षेत्र में कुल 185.09 मेगावाट की सौर क्षमता का विकास हुआ है, जबकि हितग्राहियों के खातों में 339.28 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी भेजी गई है।
पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अंतर्गत आने वाले जिलों में भी इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। इस कंपनी के क्षेत्र में 30 हजार 614 सौर संयंत्रों को स्थापित कर 30 हजार 899 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। इसके जरिए कुल 110.87 मेगावाट की सौर क्षमता ग्रिड से जोड़ी गई है और उपभोक्ताओं को सहायता के रूप में 213.60 करोड़ रुपये से अधिक की राशि आवंटित की जा चुकी है।
इस योजना के तहत सरकार की ओर से दी जाने वाली वित्तीय सहायता उपभोक्ताओं को सीधा संबल प्रदान कर रही है। प्रावधानों के मुताबिक, 1 किलोवाट क्षमता के सौर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये तथा 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र लगाने पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इस व्यवस्था से आम जनता के घरेलू बिजली बिलों में भारी गिरावट आ रही है, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं।
योजना को जमीनी स्तर पर पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार और तीनों बिजली कंपनियां लगातार सक्रिय हैं। अधिकारियों ने आम जनता से यह विशेष आग्रह किया है कि वे केवल पंजीकृत और अधिकृत वेंडरों के माध्यम से ही अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाएं। इसके साथ ही, सब्सिडी की प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए नागरिक यह सुनिश्चित करें कि उनके बैंक खाते, बिजली बिल और पहचान पत्र [Aadhaar Redacted] में दर्ज नाम पूरी तरह समान हों।