स्वरोजगार और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर मिले, प्रक्रिया को बनाएं सुगम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

स्वरोजगार और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ समय पर मिले, प्रक्रिया को बनाएं सुगम: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की योजनाओं एवं प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत ऋण और सब्सिडी की सहायता राशि जरूरतमंदों को बिना किसी प्रशासनिक जटिलता के तय समय में मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाग केवल औपचारिकताएं पूरी न करे, बल्कि आवेदकों को बैंक से वित्तीय मदद दिलाने में पूरी सहायता प्रदान करे और योजनाओं के क्रियान्वयन की ग्राउंड मॉनीटरिंग भी सुनिश्चित करे।

समय पर छात्रवृत्ति और अंतर्विभागीय समन्वय पर बल

विद्यार्थियों के कल्याण का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को कड़े लहजे में निर्देशित किया कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति के वितरण में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। यह राशि संबंधित शैक्षणिक वर्ष की निर्धारित तिथि तक हर हाल में वितरित हो जानी चाहिए। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने विभाग को स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक सुदृढ़ समन्वय तंत्र विकसित करने के निर्देश दिए ताकि तकनीकी देरी से बचा जा सके।

तकनीकी कमियों को दूर करने और वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण के निर्देश

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी लोक-कल्याणकारी योजना का मूल उद्देश्य तभी पूरा होता है जब उसका लाभ सुलभता से मिले। इसके मार्ग में आने वाली किसी भी प्रकार की प्रक्रियात्मक या तकनीकी त्रुटि को तुरंत ठीक किया जाना चाहिए। डॉ. यादव ने राज्य की वक्फ संपत्तियों का शत-प्रतिशत पंजीकरण केंद्र सरकार के ‘उम्मीद पोर्टल’ पर करने तथा इनसे जुड़े जमीनी विवादों का सकारात्मक और त्वरित समाधान निकालने के लिए लगातार निगरानी करने को कहा। इस संदर्भ में विभाग द्वारा बताया गया कि वक्फ संपत्तियों के डेटा प्रविष्टि के मामले में मध्यप्रदेश पूरे देश में अग्रणी राज्य बन चुका है।

पोर्टल एकीकरण और तकनीकी नवाचार

प्रशासनिक जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री ने मासिक आधार पर वित्तीय और भौतिक लक्ष्यों की समीक्षा करने तथा लंबित घोषणाओं को प्राथमिकता से पूरा करने की बात कही। विभाग द्वारा तकनीकी विकास की जानकारी देते हुए बताया गया कि आवेदकों को अपडेट रखने के लिए ‘वर्चुअल वॉयस असिस्टेंस टूल’ और ‘डिजिटल मार्केटिंग’ तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस पूरी प्रणाली को ‘एमपी ई-सेवा पोर्टल’ के साथ एकीकृत करने का निर्देश दिया ताकि ओबीसी वर्ग और अन्य श्रेणियों के छात्रों को स्वरोजगार व करियर संबंधी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर मिल सके।

अंतरिक्ष विज्ञान को बढ़ावा और शौर्य संकल्प योजना

समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव श्री ई. रमेश कुमार ने एक महत्वपूर्ण परियोजना साझा करते हुए बताया कि केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय के सहयोग से मध्यप्रदेश में ‘डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम सिमुलेटरी स्पेस सेंटर’ की स्थापना की जा रही है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा ‘मैपकास्ट’ के तकनीकी सहयोग से संचालित होने वाले इस केंद्र का उद्देश्य आम लोगों और विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करना है। वहीं, युवाओं के रोजगार के लिए राज्य के 20 जिलों में चलाई जा रही ‘शौर्य संकल्प प्रशिक्षण योजना’ के तहत 12वीं उत्तीर्ण पिछड़ा वर्ग के 4 हजार युवाओं को सैन्य, पुलिस और निजी सुरक्षा बलों में भर्ती के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है, जिसका समापन 30 जून को प्रस्तावित है।

ओबीसी वर्ग के लिए स्कॉलरशिप और छात्रावास सुविधाओं में विस्तार

विभाग ने ओबीसी वर्ग के विकास के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली छात्र गृह योजना के तहत दी जाने वाली राशि को 1550 रुपये से सीधे बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है और इसके दायरे में आने वाले छात्रों की संख्या भी 50 से बढ़ाकर 300 की गई है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार ओबीसी हॉस्टलों में शासकीय स्तर पर मेस सुविधा दी जा रही है। 31 कन्या छात्रावासों को आदर्श रूप में अपग्रेड किया गया है, जबकि शेष 24 के लिए 20.50 करोड़ रुपये का प्रावधान आवश्यक है। इसके अलावा, विदेश अध्ययन स्कॉलरशिप के लिए केवल क्यूएस रैंकिंग के स्थान पर अब 8 बहुआयामी मेरिट मापदंड तय किए गए हैं। साथ ही, जुलाई-अगस्त से ‘सरदार पटेल कोचिंग योजना’ के माध्यम से संभाग स्तर पर 4500 युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग मिलना शुरू हो जाएगी।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में विभागीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय के अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनीष रस्तोगी सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।

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