मध्य प्रदेश के नीमच जिले के जावद थाना क्षेत्र में 08 जून को एक भीषण सड़क हादसे के बाद डायल-112 की टीम ने तत्परता दिखाते हुए तीन घायल नागरिकों को त्वरित अस्पताल पहुँचाया। नानपुरिया रोड पर दो कारों के बीच हुई आमने-सामने की भिड़ंत में दो महिलाएँ और एक पुरुष गंभीर रूप से चोटिल हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया, जिससे पीड़ितों को समय पर इलाज मिल सका।
यह पूरा घटनाक्रम सोमवार को उस समय शुरू हुआ जब भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम (डायल-112) को जावद क्षेत्र के नानपुरिया रोड पर हुए एक्सीडेंट की सूचना मिली। कॉलर ने बताया कि दो कारों की टक्कर में तीन लोग घायल हैं और उन्हें तत्काल चिकित्सकीय मदद की दरकार है। इस आपातकालीन सूचना पर संज्ञान लेते हुए कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल जावद क्षेत्र में गश्त कर रही डायल-112 फ्लीट को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
घटनास्थल पर तैनात डायल-112 के स्टाफ आरक्षक क्रमांक 216 सुरेश धनगर और पायलट अरुण चंदेल तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने देखा कि भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि वाहनों में सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में थे। मामले की गंभीरता और घायलों की स्थिति को भांपते हुए दोनों जवानों ने बिना वक्त गंवाए सभी पीड़ितों को सुरक्षित रूप से अपने सरकारी वाहन में बैठाया और नजदीकी शासकीय चिकित्सालय, जावद लेकर गए।
समय पर अस्पताल पहुँचने के कारण डॉक्टरों ने घायलों का उपचार तुरंत शुरू कर दिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यदि जवानों द्वारा त्वरित प्रतिक्रिया नहीं दी जाती तो घायलों की स्थिति और बिगड़ सकती थी। डायल-112 के स्टाफ की इस संवेदनशीलता और सतर्कता की सराहना की जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर इस सफलता को ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला की एक अहम कड़ी माना गया है। यह घटना साबित करती है कि संकट या किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में डायल-112 की सेवा आम जनता की सुरक्षा और उनके प्राणों की रक्षा के लिए पूरी तरह समर्पित है। सड़क हादसों के समय पुलिस के जवान लगातार इसी सेवा भाव और मुस्तैदी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं।