रायसेन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सुल्तानगंज में तालाब के पास से 3 वर्षीय लापता मासूम को सुरक्षित निकाला, परिजनों को सौंपा

रायसेन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई: सुल्तानगंज में तालाब के पास से 3 वर्षीय लापता मासूम को सुरक्षित निकाला, परिजनों को सौंपा

मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में 8 जून को पुलिस की डायल-112 टीम ने तत्परता और संवेदनशीलता दिखाते हुए एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया। टीम ने घर से लापता हुए एक 3 वर्षीय मासूम बच्चे को समय रहते सुरक्षित ढूंढ निकाला और उसके घबराए हुए परिजनों के हवाले कर दिया। पुलिस की इस मुस्तैदी के कारण बच्चा सही-सलामत अपने घर पहुंच सका, जिससे परिवार ने राहत की सांस ली है।

घटनाक्रम के अनुसार, सोमवार (8 जून) को भोपाल स्थित राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 को सूचना मिली थी कि सुल्तानगंज थाना इलाके से एक तीन साल का बच्चा कहीं खो गया है और पीड़ित परिवार को तत्काल मदद की दरकार है। इस आपातकालीन सूचना पर बिना वक्त गंवाए कंट्रोल रूम द्वारा सुल्तानगंज क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को तुरंत घटना स्थल के लिए रवाना किया गया।

सूचना मिलते ही डायल-112 पर तैनात स्टाफ सैनिक क्रमांक 227 द्वारका प्रसाद और पायलट सुनील कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर बच्चे के हुलिए और गायब होने के समय के बारे में विस्तार से जानकारी जुटाई। इसके बाद जवानों ने बच्चे की तस्वीर अपने पास रखी और आस-पास के रिहायशी व सुनसान इलाकों में सघन तलाशी अभियान शुरू करते हुए स्थानीय लोगों से पूछताछ की।

कड़ी मशक्कत और लगातार खोजबीन के बाद पुलिस टीम को सफलता मिली, जब उन्होंने बच्चे को एक तालाब के नजदीक घूमते हुए देखा। संभावित खतरे को भांपते हुए जवानों ने तुरंत बच्चे को अपनी सुरक्षा में ले लिया। इसके बाद डायल-112 की टीम ने कानूनी प्रक्रिया और आवश्यक पहचान व सत्यापन की औपचारिकताएं पूरी कीं, और फिर बच्चे को उसके माता-पिता को सौंप दिया।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि मासूम बच्चा घर के बाहर खेलते-खेलते अचानक आगे निकल गया था और रास्ता भटकने के कारण वह तालाब की तरफ चला गया। अपने जिगर के टुकड़े को बिल्कुल सुरक्षित वापस पाकर भावुक हुए परिजनों ने डायल-112 सेवा और दोनों पुलिसकर्मियों का सहृदय आभार प्रकट किया।

यह घटना ‘डायल-112 हीरोज’ श्रृंखला की उस प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है, जो यह साबित करती है कि यह आपातकालीन सेवा न केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मददगार है, बल्कि आम नागरिकों और बच्चों की सुरक्षा के लिए मानवीय संवेदनाओं के साथ हर विकट परिस्थिति में तत्पर रहती है।

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