जानिए देश में मौसम का हाल

जानिए देश में मौसम का हाल

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी गति तेज करते हुए गुरुवार को बिहार में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही यह तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के विस्तृत इलाकों में भी आगे बढ़ चुका है। आगामी दो से तीन दिनों के भीतर मानसून के उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में सक्रिय होने की अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। गत 4 जून को केरल तट पर दस्तक देने के बाद मानसून ने मात्र आठ दिनों की अल्पावधि में देश के 17 राज्यों को कवर कर लिया है। वर्तमान में गुजरात को छोड़कर देश के लगभग सभी राज्यों में प्री-मानसून और मानसूनी गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके चलते मौसम विभाग ने आज 22 राज्यों में तेज बारिश का ‘यलो अलर्ट’ जारी किया है।

प्राकृतिक आपदा और खराब मौसम के कारण विभिन्न राज्यों से जान-माल के नुकसान की दुखद खबरें आई हैं। बिहार के 11 जिलों में आज सुबह से ही तेज आंधी के साथ भारी वर्षा दर्ज की गई है। खगड़िया जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 5 नागरिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 4 अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए। राजधानी पटना, बक्सर और सुपौल सहित 5 जिलों में सुबह के समय घने बादलों के कारण इस कदर अंधेरा छा गया कि वाहन चालकों को दिन में ही अपनी गाड़ियों की हेडलाइट्स जलाकर सफर तय करना पड़ा। मौसम विभाग ने आज बिहार के सभी 38 जिलों के लिए आंधी-बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, वहीं 7 जिलों में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है। उत्तर प्रदेश के बरेली, इटावा, सीतापुर और फिरोजाबाद जिलों में तूफान से संबंधित हादसों में 4 लोगों की मौत हो गई। चित्रकूट में 4.5 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित ऑडिटोरियम की छत ढह गई, जबकि एक अन्य स्थान पर पेट्रोल पंप का शेड उड़ गया। राजधानी लखनऊ में आज बादल छाए हुए हैं, जबकि प्रयागराज, मेरठ, सहारनपुर, गोंडा, देवरिया, बलिया, संभल और बिजनौर सहित 10 शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है। उधर, पंजाब के मानसा में तेज आंधी के दौरान एक भारी लोहे का गेट गिरने की वजह से 9 वर्षीय मासूम बच्चे की जान चली गई।

पहाड़ी और मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) की सक्रियता के कारण मौसम के मिजाज में व्यापक बदलाव आया है। हिमाचल प्रदेश में आज से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिससे आगामी छह दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा का दौर जारी रहेगा। मौसम विभाग ने कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला में आज और कल ओलावृष्टि व तीव्र तूफान का ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। पंजाब और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में 14 जून तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है। पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है; बुधवार को औसत तापमान में महज 0.1°C की गिरावट देखी गई, जो अब भी सामान्य से 4.4°C अधिक है। बठिंडा 46.2°C तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां आज 10 जिलों में ओले गिरने की आशंका है।

आगामी दो दिनों (12 और 13 जून) के लिए देशव्यापी मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए मौसम वैज्ञानिकों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। कल 12 जून को दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-बारिश का अनुमान है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में ओलावृष्टि हो सकती है। दक्षिण भारत के केरलम, कर्नाटक (तटीय जिलों में भारी वर्षा), तमिलनाडु और तेलंगाना सहित पूर्वोत्तर राज्यों में सघन वर्षा की उम्मीद है। राजस्थान में भीषण गर्मी से त्रस्त जनता को राहत मिलते हुए जयपुर और अलवर सहित 12 जिलों में आज आंधी-बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का अनुमान है, जिसका असर 14 जून तक बना रहेगा।

इसी क्रम में मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी प्री-मानसून गतिविधियां चरम पर हैं। मध्य प्रदेश में बुधवार को 20 से अधिक जिलों का मौसम बदला रहा, वहीं आज गुरुवार को ग्वालियर और जबलपुर सहित 34 जिलों में धूलभरी आंधी और वर्षा की चेतावनी है। शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया और निवाड़ी में ओले गिर सकते हैं। छत्तीसगढ़ में मानसून के आगमन के लिए पूरी तरह अनुकूल परिस्थितियां बन चुकी हैं और अगले 3 से 4 दिनों में इसके राज्य के कुछ हिस्सों में प्रवेश करने की प्रबल संभावना है। आज पूरे छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम के इस देशव्यापी बदलाव के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में दृश्यता कम होने और खराब मौसम के कारण दो विमानों को जयपुर डायवर्ट करना पड़ा।

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